46 लाख ग्रामीणों की संपत्ति के रजिस्ट्री का खर्च सरकार करेगी वहन: ‘स्वामित्व योजना’ में 46 लाख ग्रामीणों को जमीन का रजिस्ट्री शुल्क सरकार देगी;
संवाददाता
11 March 2026
अपडेटेड: 3:36 PM 0thGMT+0530
11 मार्च 2026: मध्य प्रदेश :
सरकार की भूमि स्वामित्व योजना:
रजिस्ट्री का खर्चा सरकार करेगी वहन:
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के करीब 46 लाख ग्रामीण नागरिकों को संपत्ति की रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क सरकार खुद वहन करेगी।
क्या है भूमि स्वामित्व योजना:
भूमि स्वामित्व योजना की शुरुआत केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने वर्ष 2020 में शुरू की थी।इस योजना के तहत गांव की जमीन का सीमांकन किया जाता है और ग्रामीणों को एक प्रॉपर्टी कार्ड दिया जाता है इससे भूमि का विवाद कय होता है।
इस फैसले से सरकार के खजाने पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन इससे ग्रामीणों को अपनी जमीन का कानूनी स्वामित्व मिलने में मदद मिलेगी।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के जरिए जमीन का सीमांकन किया जाता है और उसके आधार पर लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड दिए जाते हैं। इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है। इससे बैंकों से लोन लेना भी आसान होता हैl
यह योजना केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने वर्ष 2020 में शुरू की थी, जिसका उद्देश्य गांवों में संपत्ति के अधिकार को स्पष्ट करना और ग्रामीणों को कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है।
इसके लिए हर विकासखंड से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा जिसमें 4865 युवाओं की नियुक्ति होगी और हर युवा को ₹10000 मासिक दिया जाएगा।
इन युवाओं का कार्य होगा, अपने विकासखंड में संचालित योजनाओं का फीडबैक तैयार करना । इसके आधार पर जमीनी रिपोर्ट तैयार करना और फिर यह रिपोर्ट सीधे सुशासन और नीति विश्लेषण इसलिए स्कूल के माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा।इस कार्यक्रम में करीब 170 करोड रुपए का खर्च आएगा।