संजय निषाद ने परिवारवाद पर कह दी दिल दहला देने वाली बात

khabar pradhan

संवाददाता

12 April 2025

अपडेटेड: 10:08 AM 0thGMT+0530

संजय निषाद ने परिवारवाद पर कह दी दिल दहला देने वाली बात

हमारा परिवारवाद सपा के परिवारवाद से अलग

हमारा परिवारवाद सपा के परिवारवाद से अलग

उत्‍तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने राजनीति में परिवारवाद का समर्थन किया है। वही ही संजय निषाद ने उन्होंने फूलन देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक उन्होंने मछुआ समाज का वोट सपा को दिलाया, साथ ही वे नेता रहीं। लेकिन जब उन्होंने अपनी पार्टी बनाकर राजनीति करने की कोशिश की, तो उनकी हत्या करा दी गई।

एनडीए के सहयोगी दल निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने राजनीति में परिवारवाद को गलत नहीं बताया। उनका कहना है कि वे अपने बेटों को राजनीति में आगे बढ़ाएंगे ताकि उनका राजनीतिक मिशन जारी रहे। एक न्‍यूज चैनल से बातचीत में संजय निषाद ने कहा- ‘हम अपने बच्‍चों को अगर विधायक और मंत्री नहीं बना पाएंगे तो दूसरे के बच्‍चों को क्‍या बनाएंगे। हमारे बच्‍चे रिक्‍शा चलाएंगे क्‍या। अगर हम अपने बेटे से रिक्‍शा चलवाएंगे और खेती करवाएंगे तो कैसे राजनीति करवा पाएंगे।’

संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के परिवारवाद से अपने परिवारवाद को अलग बताया है। उनका मानना है कि उनके बेटों के राजनीति में आने से समाज का भला होगा। उन्होंने कहा कि सपा का परिवारवाद सिर्फ अपने लोगों को सत्ता का सुख देने के लिए है, जबकि उनका परिवारवाद राजनीतिक मिशन को आगे बढ़ाने के लिए है। उनके बाद उनके बेटे उनके राजनीतिक मिशन को आगे बढ़ाएंगे और समाज को बिखरने नहीं देंगे।

यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने फूलन देवी, महेंद्र सिंह राजपूत लोधी, धनीराम वर्मा, मनोहर लाल निषाद और यमुना निषाद जैसे नेताओं का उदाहरण दिया है। उन्होंने बताया कि ये सभी समाज के बहुत बड़े नेता थे। साथ ही जब इन नेताओं का निधन हुआ, तो मछुआ समुदाय के कारवां को आगे ले जाने वाला कोई नहीं था। साथ ही अगर इन नेताओं ने भी अपने पीछे परिवार को खड़ा किया होता, तो मछुआ समुदाय और भी सशक्त होता।

संजय निषाद ने उन्होंने फूलन देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक उन्होंने मछुआ समाज का वोट सपा को दिलाया, वही वे नेता रहीं। लेकिन जब उन्होंने अपनी पार्टी बनाकर राजनीति करने की कोशिश की, तो उनकी हत्या करा दी गई। संजय निषाद ने कहा कि वे ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके बाद उनके परिवार के लोग खड़े होंगे जो कफन बांधकर उनके मिशन को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बहुत विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने बेटों को राजनीति में आगे किया है। निषाद समाज एक मार्शल कौम है और इस समाज को हमेशा एक बड़े नेता की जरूरत होती है।

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