हॉस्पिटल में काम करने वाली लड़की की मौत पर ग्रामीणों में आक्रोश

khabar pradhan

संवाददाता

28 March 2025

अपडेटेड: 10:13 AM 0thGMT+0530

युवती की मौत के पीछे रेप और हत्या का आरोप

युवती की मौत के पीछे रेप और हत्या का आरोप

प्रतापगढ़ के रानीगंज में हॉस्पिटल में काम कर रही लड़की की मौत के बाद जमकर बवाल हो गया है। परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है। वही इसको लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके साथ ही पुलिस ने भीड़ को तितर वितर करने के लिए लाठी चार्ज किया तो ग्रामीण उग्र हो गए और पत्थर और शुरू कर दिया। पथराव में को रानीगंज समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में दुर्गागंज बाजार में एक निजी अस्पताल में काम करने वाली दलित युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। मृतका पिछले चार साल से अस्पताल में कार्यरत थी।

परिजनों को अस्पताल से फोन कर बुलाया गया। लेकिन जब मां हीरावती वहां पहुंचीं, तो कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। कुछ देर बाद 3 लोग एंबुलेंस से कोमल का शव गांव ले आए और जल्दबाजी में शव छोड़कर भागने लगे। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और हंगामा शुरू हो गया।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर अमित पांडेय, कर्मचारी सुनील कुमार, विद्यासागर, शहबाज और दाई गनोर्मा देवी पर साजिश रचकर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। शव की जांच में कई चोटों के निशान पाए गए, जिससे शक गहरा गया।

मृतका के परिजन और ग्रामीण शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे है। पुलिस जब शव को कब्जे में लेने पहुंची, तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी और युवतियां घायल हो गईं है।

रानीगंज सीओ विनय प्रभाकर साहनी के सिर पर चोट लगी है। वही बढ़ते तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। देर रात तक पुलिस शव को कब्जे में नहीं ले पाई।
रात लगभग 11 बजे कोमल की संदिग्ध मौत हुई, लेकिन वारदात के 12 घंटे बाद भी पुलिस शव को नहीं ले जा सकी। परिवार और ग्रामीणों की मांग है कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को न्याय भी मिले।

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