1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, एमपी के उपभोक्ताओं को बड़ा झटका
संवाददाता
28 February 2026
अपडेटेड: 8:09 PM 0thGMT+0530
28 फरवरी 2026
भोपाल;मध्य प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।
बिजली कंपनियों ने दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है, जिससे आम लोगों के मासिक खर्च पर असर पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार बिजली वितरण कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 10 प्रतिशत से अधिक टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू हो जाएंगी और घरेलू उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार औसतन बिजली बिल में हर महीने करीब 300 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम और ज्यादा बिजली खपत करने वाले परिवारों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
नई प्रस्तावित दरों के तहत 50 यूनिट तक की दर 4.45 रुपये से बढ़कर 4.78 रुपये प्रति यूनिट हो सकती है, जबकि 51 से 150 यूनिट की दर भी बढ़ाने की बात कही गई है।
इससे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को भी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
सबसे बड़ा बदलाव 151 से 300 यूनिट वाले स्लैब में देखने को मिल सकता है, जिसे खत्म कर 300 यूनिट से ऊपर वाले स्लैब में शामिल करने का प्रस्ताव है।
इस फैसले से मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के बिल में ज्यादा वृद्धि होने की आशंका है।
बिजली कंपनियों का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च, बिजली खरीद की लागत और वित्तीय दबाव के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया है।
बताया गया है कि करीब 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घाटे को पूरा करने के लिए टैरिफ बढ़ाने की मांग की गई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में एसी और कूलर के उपयोग से खपत बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं पर और अधिक असर पड़ सकता है।
यदि आयोग इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो प्रदेश के लाखों परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा।