100 SUVs,10 हजार समर्थकों के साथ धूमधाम से स्वागत

khabar pradhan

संवाददाता

28 May 2025

अपडेटेड: 8:11 AM 0thGMT+0530

100 SUVs,10 हजार समर्थकों के साथ धूमधाम से स्वागत

100 SUVs, 10 हजार समर्थकों के साथ धूमधाम से स्वागत

विजय जुलूस में बृजभूषण का जलवा:

गोंडा की सड़कों पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का हजारों समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। पॉक्सो एक्ट के तहत लगे आरोपों से दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा बरी होने के बाद बृजभूषण का यह स्वागत किसी विजयी जुलूस से कम नहीं था। 100 से ज्यादा लग्जरी SUVs और करीब 10 हजार समर्थकों की भीड़ ने इस मौके को ऐतिहासिक बना दिया। गोंडा में पटाखों की गूंज और समर्थकों के नारों ने माहौल को उत्सवी बना दिया। आइए, इस घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे की भावनाओं को करीब से जानते हैं।

कोर्ट का फैसला: सत्य की जीत या विवाद का नया मोड़?

पटियाला हाउस कोर्ट ने हाल ही में बृजभूषण शरण सिंह को नाबालिग पहलवान के यौन शोषण के आरोपों से बरी कर दिया। इस मामले में पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि उसने भावनात्मक दबाव और बहकावे में आकर ये आरोप लगाए थे। कोर्ट ने इस बयान के आधार पर केस को खारिज कर दिया, जिसके बाद बृजभूषण को न केवल राहत मिली, बल्कि उनके समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

इस फैसले ने सोशल मीडिया और जनता के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। जहां उनके समर्थक इसे ‘सत्य की जीत’ करार दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन गोंडा में उनके स्वागत के दृश्य ने साफ कर दिया कि उनके समर्थकों का विश्वास उनके साथ मजबूती से कायम है। इस विजय जुलूस ने न केवल उनके रसूख को दिखाया, बल्कि यह भी जाहिर किया कि बृजभूषण अभी भी अपने क्षेत्र में एक बड़े जननायक हैं।

गोंडा में उत्सव का माहौल: पटाखे, नारे और समर्थकों का हुजूम

कोर्ट के फैसले के बाद बृजभूषण जब अपने गृह क्षेत्र गोंडा लौटे, तो उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था। 100 से ज्यादा SUVs का काफिला, जिसमें उनके समर्थकों और स्थानीय नेताओं की मौजूदगी थी, सड़कों पर एक भव्य जुलूस के रूप में निकला। करीब 10 हजार लोगों की भीड़ ने नारों और पटाखों के साथ उनका अभिनंदन किया। “बृजभूषण शरण सिंह जिंदाबाद” के नारे गोंडा की गलियों में गूंज रहे थे।

इस जुलूस में शामिल लोग न केवल उनके समर्थक थे, बल्कि वे स्थानीय लोग भी थे, जो बृजभूषण को अपने क्षेत्र का गौरव मानते हैं। एक समर्थक ने कहा, “हमारे नेता पर लगाए गए सारे आरोप झूठे थे। कोर्ट ने सच को सामने ला दिया। यह गोंडा की जीत है।” इस स्वागत ने बृजभूषण के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को एक बार फिर साबित कर दिया।

बृजभूषण: एक विवादास्पद व्यक्तित्व, फिर भी जननायक

बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। गोंडा से कई बार सांसद रहे बृजभूषण का क्षेत्र में जबरदस्त प्रभाव है। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के तौर पर भी उन्होंने लंबे समय तक काम किया, लेकिन पिछले कुछ सालों में उन पर लगे यौन शोषण के आरोपों ने उन्हें विवादों में घेर लिया था। इन आरोपों के कारण उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला, और उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को मौका दिया गया।

लेकिन कोर्ट के हालिया फैसले ने उनके समर्थकों में नई जान फूंक दी है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा कि बृजभूषण पर लगे आरोप “राजनीति से प्रेरित” थे, और कोर्ट का फैसला उनके लिए न्याय का प्रतीक है। एक यूजर ने लिखा, “यह जीत उन सभी की है, जो बृजभूषण के साथ खड़े रहे। सच्चाई हमेशा जीतती है।”

समर्थन और सवाल

इस स्वागत समारोह ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरीं। कुछ लोगों ने इसे बृजभूषण की लोकप्रियता और उनके समर्थकों की एकजुटता का प्रतीक बताया, तो कुछ ने इस पर सवाल उठाए। एक यूजर ने ट्वीट किया, “100 SUVs और 10 हजार लोग! यह गोंडा में बृजभूषण का दबदबा दिखाता है।” वहीं, कुछ लोगों ने इस भव्य स्वागत को “शक्ति प्रदर्शन” करार दिया और इसे अनुचित ठहराया।

इसके अलावा, कुछ यूजर्स ने मांग की कि जिन लोगों ने बृजभूषण पर आरोप लगाए थे, उन्हें अब माफी मांगनी चाहिए। एक पोस्ट में लिखा गया, “कांग्रेस, मीडिया और कुछ पहलवानों ने बृजभूषण को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन सच्चाई सामने आ गई। अब माफी मांगो।” यह बहस दर्शाती है कि बृजभूषण का मामला अभी भी लोगों के बीच भावनात्मक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

गोंडा का गौरव: बृजभूषण का प्रभाव

बृजभूषण शरण सिंह का गोंडा में प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। उनके समर्थक उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं, जो क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के लिए हमेशा उपलब्ध रहता है। उनके नेतृत्व में गोंडा में कई विकास कार्य हुए हैं, जिसके चलते उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। इस स्वागत समारोह ने यह साफ कर दिया कि भले ही वह फिलहाल संसद में न हों, लेकिन उनका जनाधार कम नहीं हुआ है।

इस जुलूस में शामिल लोगों की भीड़ और उत्साह यह दर्शाता है कि बृजभूषण अभी भी गोंडा की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने का एक अहम हिस्सा हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि यह फैसला उनकी छवि को और मजबूत करेगा, और भविष्य में वह और बड़े स्तर पर वापसी करेंगे।

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