साध्वी प्रेम बाईसा को उनके आश्रम में विधि विधान से दी गई समाधि:
संवाददाता
30 January 2026
अपडेटेड: 5:06 PM 0thGMT+0530
साध्वी प्रेम बाईसा का पैतृक गांव में समाधि:
पश्चिमी राजस्थान की चर्चित साध्वी और कथावाचक प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई ।
उनकी मौत से उनके अनुयायियों में और साधु संतों में शोक की लहर फैल गई है। वे लंबे समय से संत परंपरा से जुड़ी हुई थी और कथा वाचन के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार करती थी। उनका साधु संतों के बीच में एक जाना पहचाना नाम था।
उनकी मौत सवालों के घेरे में है।
क्यों है संदिग्ध उनकी मौत:
दरअसल प्रेम बाईसा एक साध्वी है और संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई है । उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक सुसाइड नोट भी पोस्ट किया गया है । जिस पर भी काफी बवाल मचा हुआ है।
अस्पताल के सूत्रों से बताया जा रहा है कि साध्वी की मौत शाम करीब 5:30 बजे हो गई थी ।किंतु उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से 9:30 बजे एक पोस्ट की गई ।इस पोस्ट के आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए।
पिछले वर्ष जुलाई में साध्वी प्रेम बाईसा का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वह काफी तनाव में थी । और इसे लेकर पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी । तब साध्वी ने कहा था कि पिता और पुत्री के रिश्ते को बदनाम किया जा रहा है और वह अग्नि परीक्षा से गुजरने को भी तैयार हैं।
दरअसल उनका एक वीडियो जुलाई में वायरल हुआ था जिसमें वे एक बेड पर लेटी हुई है और कोई भगवाधारी, कोई बाबा उनके कमरे में आते हैं जिसे देखकर वे गले लग जाती हैं । इस वीडियो से उनके ऊपर काफी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थी। और इसे गलत संबंध संदर्भ में फैलाया भी गया था।
इस संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट भी किया था ,कि मां के निधन के बाद उनके पिता उनकी देखभाल करते हैं और यह पिता और बेटी के बीच प्रेम और स्नेह था ,जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
कुछ ऐसे भी आरोप लगाए जाते हैं कि इस वीडियो को वायरल करने से पहले उनसे 20 लाख की मांग की गई थी, जब उन्होंने ब्लैकमेलिंग से इनकार कर दिया तो यह वीडियो उनके परिचतों और आश्रम से जुड़े लोगों को भेज कर वायरल कर दिया गया था । इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
प्रेम बाईसा मारवाड़ की कथा वाचक है और साध्वी हैं। बुधवार 28 जनवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई उनके पिता और एक अन्य व्यक्ति उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे थे ।
किंतु अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी । जिसे अस्पताल के संचालक डॉक्टर प्रवीण जैन ने पुष्टि भी की है।
उन्होंने बताया कि पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी। किंतु पोस्टमार्टम के पहले साध्वी के पिता उनके शव को आश्रम लेकर चले गए थे।
आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा का कमरा कर दिया गया था सीज:
साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु की खबर मिलने के बाद बलोतरा थाने से पुलिस आश्रम पहुंची थी और साध्वी के कमरे को सीज करवा दिया। जिससे सबूतों से कोई छेड़छाड़ ना कर सके।
कौन है साध्वी प्रेम बाईसा:
साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान की बालोतरा जिले की परेऊ गांव की रहने वाली थी । उनके पिता विरामनाथ ट्रक चलाते थे ।
जब वे 2 वर्ष की थी तब उनकी मां की मृत्यु हो चुकी थी । जिससे उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा था । उनके पिता उन्हें जोधपुर के गुरु कृपा आश्रम में संत राजा राम जी और कृपाराम जी के मार्गदर्शन में आध्यात्मिक शिक्षा हेतु ले गए थे।तभी से वे
इस आश्रम में रहती थी और एक साध्वी और कथावाचक के रूप में प्रसिद्ध थी।
मौत कीज्ञवजह:
उनके पिता का कहना है कि बुधवार 28 जनवरी को सुबह साध्वी को सामान्य सर्दी और जुकाम था । उन्होंने एक कंपाउंडर को बुलाया और उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था । किंतु इंजेक्शन लगाने के महज 5 मिनट के अंदर ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जोधपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया ।किंतु अस्पताल पहुंचने के पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत के बाद उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से सनसनी:
उनकी मौत के बाद इस मामले ने एक अलग ही मोड़ लिया । क्योंकि उनकी मृत्यु शाम 5:30 बजे हो गई और करीब 9:30 बजे उनके इंस्टाग्राम हैंडल से एक भावुक पोस्ट शेयर की गई । इस पोस्ट में लिखा गया कि “
मैं अपनी अग्नि परीक्षा देने जा रही हूं, मुझे जीते जी इंसाफ नहीं मिला ,शायद अब मिल जाए । सनातन धर्म के लिए मेरी विदाई स्वीकार करें।”
मृत्यु के बाद की गई इस पोस्ट से मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब उनकी मृत्यु की और उनकी मौत के बाद की गई इस पोस्ट की भी जांच की जा रही है।