14 अप्रैल को खत्म होगा खरमास, 15 से गूंजेगी शहनाई; जानें अप्रैल के शुभ मुहूर्त.
संवाददाता
8 April 2026
अपडेटेड: 4:08 PM 0thGMT+0530
8 अप्रैल 2026
भोपाल।
पिछले एक महीने से मांगलिक कार्यों पर लगा ब्रेक अब हटने वाला है। 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही हिंदू धर्म में शुभ माने जाने वाले कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य देव के राशि परिवर्तन के साथ ही 15 अप्रैल से सगाई, शादी, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार मंगलवार, 14 अप्रैल को सुबह 9:38 बजे सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ 15 मार्च से लगा खरमास समाप्त हो जाएगा। शास्त्रानुसार, खरमास के दौरान मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, इसलिए इस समापन का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
अक्षय तृतीया का ‘अबूझ मुहूर्त’ और अन्य शुभ दिन
इस साल अप्रैल के महीने में शादियों के लिए कई बेहतरीन संयोग बन रहे हैं। सबसे खास दिन 20 अप्रैल को ‘अक्षय तृतीया’ का है। इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे या गणना किए कोई भी शुभ काम किया जा सकता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान और शुभ कार्य का फल कभी समाप्त नहीं होता और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
अगर आप भी इस महीने शादी या कोई बड़ा आयोजन प्लान कर रहे हैं, तो इन तारीखों का ध्यान रख सकते हैं:
15 अप्रैल (बुधवार): उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में दोपहर 3:22 से रात 10:31 बजे तक। यह सफल वैवाहिक जीवन के लिए बहुत शुभ है।
20 अप्रैल (सोमवार): अक्षय तृतीया पर सुबह 4:35 से 7:28 बजे तक विशेष मुहूर्त।
21 अप्रैल (मंगलवार): मृगशिरा नक्षत्र में सुबह 4:15 से 5:52 बजे तक का समय श्रेष्ठ है।
25 अप्रैल (शनिवार): इस दिन संधि काल का प्रभाव कम रहेगा, जिससे शादी के लिए यह उत्तम दिन है।
26 अप्रैल (रविवार): मघा नक्षत्र में सुबह 5:47 से रात 8:27 बजे तक लंबा और शुभ मुहूर्त मिलेगा।
27 अप्रैल (सोमवार): उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रात 9:18 से 9:35 बजे तक का छोटा लेकिन बेहद प्रभावशाली मुहूर्त।
29 अप्रैल (बुधवार): हस्त नक्षत्र के दौरान सुबह 5:59 से शाम 7:52 बजे तक विवाह के लिए शुभ समय है।
ग्रहों की स्थिति है अनुकूल
पण्डितों की गणना के अनुसार, इस महीने गुरु (बृहस्पति) और शुक्र दोनों ही ग्रह अच्छी स्थिति में हैं। ज्योतिष में गुरु को रिश्तों की स्थिरता और शुक्र को प्रेम व सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। अच्छी बात यह है कि इस दौरान भद्रा और पंचक जैसे अशुभ योग नहीं बन रहे हैं, जिससे अप्रैल का पूरा महीना मांगलिक कार्यों के लिए बहुत ही सकारात्मक रहेगा।