18% टैरिफ होने से किन सेक्टर को मिलेगी बड़ी राहत:
संवाददाता
3 February 2026
अपडेटेड: 3:32 PM 0rdGMT+0530
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फोन पर बातचीत की और भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लागू करने हेतु बताया । मोदी और ट्रंप ने एक दूसरे की तारीफ की और बातचीत के बाद ट्रंप ने ‘जय हिंद’ कहा ।
ट्रंप ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे मेरे अच्छे दोस्तों में से हैं। और अपने देश के एक सम्मानित और शक्तिशाली नेता है। दोनों नेताओं ने एक दूसरे की एक्स संदेशों में जमकर तारीफ भी की और समझौते की घोषणा पर बातचीत करते हुए बताया कि भारत अमेरिका व्यापार समझौता लागू हो गया है ।
अब व्यापार में अनिश्चित समाप्त होगी और इससे निर्यातकों को लाभ मिलेगा।
वाशिंगटन ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 27 अगस्त से 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति जता दी है । इससे भारत को वियतनाम, बांग्लादेश ,पाकिस्तान और अन्य दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों पर थोड़ी बढ़त मिल गई है। जिन पर अमेरिका 19% टैरिफ लगाता है। यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, जापान और दक्षिण कोरिया में टैरिफ दरें 10 से 15% के बीच है। चीन पर अभी भी 34 प्रतिशत टैरिफ है।
इसे अमेरिकी बाजार में भारत का सामान चीन पाकिस्तान बांग्लादेश की तुलना में सस्ता हो गया है । अमेरिका ने चीन के अधिकतर सामान पर 34% टैरिफ लगाया है।
अमेरिका में भारतीय सामान पर टैरिफ कम होने से भारतीय चावल के निर्यात में तेजी आएगी इससे भारतीय चावल के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। अब रिवाइज्ड टैरिफ से भारतीय चावल थाईलैंड और पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में आ जाएगा।
इस डील के बाद अदानी ग्रुप की कंपनियों को फायदा हो सकता है अदानी ग्रीन के शहरों में 13 फीसदी तक तेजी आई है। अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस ,अदानी पोर्ट्स ,अदानी टोटल गैस के शेयरों में 6 से 8 फीसदी तक तेजी आ चुकी है।
इस डील के फाइनल होते ही भारत की ऑटो एंसिलियरीज, सोलर मैन्युफैक्चरर्स ,केमिकल, टेक्सटाइल की अदानी ग्रुप की कंपनियों को फायदा होगा । अदानी एंटरप्राइजेज, अदानी पावर और अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस को फायदा हो सकता है।
अमेरिका से भारत क्या-क्या खरीदेगा:
अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील से सरकारी अधिकारी के मुताबिक भारत अमेरिका से पेट्रोलियम, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स ,टेलीकॉम प्रोडक्ट्स ओर एयरक्राफ्ट खरीदेगा। दोनों देशों के बीच ज्यादा व्यापक डील पर बातचीत अभी जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैंडल एक्स पर लिखा कि भारत के ऊपर 50 फ़ीसदी का जो टैरिफ लगाया गया था वह अब 18 फ़ीसदी हो गया है यानी कि पहले जो 25% का टैरिफ लगाया गया था और 25 % हमारे ऊपर पेनल्टी के रूप में थी जिसे हम रूस से तेल खरीदने इस कारण से लगाई गई थी । अब ट्रेड डील साइन होने के साथ ही टारगेट घटकर 18 फ़ीसदी हो गया है ।
यह ट्रेड डील ऐसे वक्त पर हुई है जिससे एक्सपोर्ट्स के लिए बहुत ही राहत की बात है । क्योंकि अभी नये माल का आर्डर आ रहा था और एक्सपोर्ट्स को ऑर्डर नहीं मिल रहा थ। इससे एक्सपोर्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा है । क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और सबसे बड़ी बात है कि अमेरिका के साथ भारत ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है तो इतने बड़े ट्रेड पार्टनर और इतने बड़े मार्केट को कोई भी खोना नहीं चाहता। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है और दुनिया का हर देश उसके साथ संबंध रखना चाहता है। कोई भी अमेरिका के साथ बिगड़ता नहीं चाहता । यह डील पिछले साल फरवरी से बातचीत शुरू हुई थी और इस बीच कई उतार चढ़ाव भी आए और फाइनली यह डील हो गई है।
यह डील है ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’:
यह ट्रेड डील फादर ऑफ़ ऑल डेज समझी जा रही है इससे आम लोगों को बड़ा फायदा बड़ा लाभ होने वाला है। सबसे ज्यादा फायदा एक्सपोर्ट में मिलेगा। रेडीमेड गारमेंट्स, लेदर, टेक्सटाइल के क्षेत्र में बड़ा फायदा होगा । यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें आम लोगों की ज्यादा जरूरत होती है। जिससे आम लोगों को रोजगार मिलेगा ।यानी रोजगार के क्षेत्र में यह डील बहुत ही फायदेमंद साबित होगी।
सोने चांदी के दाम घट सकते हैं:
ट्रेड डील के बाद डॉलर में मजबूती, टैरिफ में कमी और विदेशी निवेश बढ़ने से सोने चांदी के दाम और घट सकते हैं । इसमें अभी बेहद तेजी आई हुई है । बीते 4 दिन में चांदी की कीमत 1.20 लाख रुपए प्रति किलो तक लुढ़क सकती है। कल सोमवार को करीब 30 हजार गिरकर फिर 23 हजार पर रुक गई थी।
शेयर बाजार में भी आया उत्साह:
शेयर बाजार में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। क्योंकि इसमें अपार संभावनाएं हैं । सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल देखा जा सकता है । टेक्सटाइल, जेम्स ,ज्वेलरी ,सी फूड और ऑटो कंपोनेंट जैसे सेक्टर में सकारात्मक प्रभाव दिख सकता है । इससे भारतीय प्रोडक्ट अमेरिका में सस्ते और प्रतिस्पर्धात्मक हो सकते हैं।