60 देशों का संसदीय मंच, भारत की पहल को मिली स्वीकृति
संवाददाता
24 February 2026
अपडेटेड: 12:16 PM 0thGMT+0530
वैश्विक स्तर पर भारत की नई कूटनीतिक पहल को मिला समर्थन।
नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर 60 देशों के संसदीय समूह का गठन किया गया है। इस मंच में विभिन्न देशों के सांसद शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य वैश्विक मुद्दों पर संवाद और सहयोग को मजबूत बनाना है।
लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया साझा मंच।
इस संसदीय समूह के माध्यम से देशों के बीच राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर चर्चा को बढ़ावा दिया जाएगा। मंच का लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करना और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करना है।
इन प्रमुख देशों ने दिखाई भागीदारी और रुचि।
इस पहल में दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, इजराइल, मालदीव, अफगानिस्तान, भूटान श्रीलंका जर्मनी, यूरोपीय संसद, नेपाल, इंग्लैंड, फ्रांस, जापान, इटली, ऑस्ट्रेलिया, रूस सहित कई देशों ने रुचि दिखाई है। इसके अलावा यूरोप और एशिया के कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं।
संसदीय सहयोग से बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय संवाद।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद को प्राथमिकता देता रहा है। यह मंच वैश्विक स्तर पर संसदीय संस्थाओं को जोड़ने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।
भविष्य में और देशों को जोड़ने की योजना।
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इस संसदीय समूह का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक देशों को इसमें शामिल कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा दी जा सके। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी ने भारत का पक्ष दुनिया के साथ सामने रखने के लिए, विभिन्न देशों मैं बहुदलीय शिष्ट मंडल भेजे थे l