8 साल से फरार अंतरराष्ट्रीय तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ा:

khabar pradhan

संवाददाता

10 March 2026

अपडेटेड: 7:14 PM 0thGMT+0530

8 साल से फरार अंतरराष्ट्रीय तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ा:


10 मार्च 2026 :
मध्य प्रदेश:

प्रदेश से कछुआ घड़ियालों की कई देशों में तस्करी करने वाला हुआ गिरफ्तार:
मध्य प्रदेश की चंबल सेंचुरी से हजारों की तादाद में घड़ियाल और कछुओं को गायब करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के किंगपिन तारक घोष को गिरफ्तार कर लिया है। एमपी स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने एक संयुक्त और गुप्त ऑपरेशन के तहत उसे उत्तर प्रदेश के कानपुर से दबोचा।

पिछले 8 वर्षों से था फरार:
तारक घोष पिछले 8 वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित था। उस पर चंबल अभयारण्य से 4,000 से अधिक घड़ियालों और 10,000 कछुओं को गायब कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।तारक घोष बार बार चकमा देकर भाग निकलता था। अपनी लोकेशन छिपाने के लिए मोबाइल फोन एक शहर में छोड़ देता था । पुलिस ने नकली खरीदार बनकर उसे कानपुर बुलाया और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


अन्य राज्यों और देश में भी फैला था नेटवर्क:
तारक घोष केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था। उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे कई राज्यों में एक बड़ा गैंग बनाकर  अंतर्राज्यीय तस्करी सिंडिकेट का संचालन कर रहा था।
इसके अलावा बांग्लादेश थाईलैंड म्यांमार सिंगापुर तक जीवो की तस्करी कर रहा था।
इतने बड़े पैमाने पर जीवों का गायब होना न केवल चंबल के इकोसिस्टम के लिए खतरा है, बल्कि यह अभयारण्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। तारक घोष की गिरफ्तारी से अब इस सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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