77वां गणतंत्र दिवस समारोह: दो मुख्य चीफ गेस्ट ,ऐतिहासिक परेड के साथ:

khabar pradhan

संवाददाता

26 January 2026

अपडेटेड: 2:36 PM 0thGMT+0530

77वां गणतंत्र दिवस समारोह: दो मुख्य चीफ गेस्ट ,ऐतिहासिक परेड के साथ:

आज पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, सम्मान और देशभक्ति के रंग में मना रहा है।  राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर रहीं है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस साल का गणतंत्र दिवस समारोह कई मायनों में खास है।
एक तरफ ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष, तो दूसरी ओर भारत की अभूतपूर्व विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता, जनभागीदारी और मजबूत सैन्य शक्ति की झलक एक साथ देखने को मिलेगी। परेड में पहली बार भारतीय सेना का फेज़्ड बैटल ऐरे फॉर्मेट दिखाया जाएगा।  टी-90 भीष्म, अर्जुन टैंक, बीएमपी-2 इन्फैंट्री व्हीकल, नाग मिसाइल सिस्टम और स्पेशल फोर्सेज़ के अत्याधुनिक वाहन कर्तव्य पथ से गुजरेंगे।  हवा में ध्रुव, रुद्र, अपाचे और प्रचंड हेलिकॉप्टर दुश्मन पर बढ़त की ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं।  नई पीढ़ी के अनमैन्ड वॉरहेड सिस्टम, स्वॉर्म ड्रोन, लॉइटरिंग म्यूनिशन और टैक्टिकल यूएवी भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाएंगे।

वहीं ब्रह्मोस, सूर्यास्त्र, आकाश और ABHRA मिसाइल सिस्टम भारत की डीप स्ट्राइक और एयर डिफेंस क्षमता को मजबूती देंगे।  परेड में ऑपरेशन सिंदूर की झलक भी देखने को मिली, जो भारत की रणनीतिक, तकनीकी और सैन्य समन्वय शक्ति को दिखाएगा।  इसके साथ ही हिम योद्धा, बहादुर सैनिकों के साथ ऊंट, घोड़े और आधुनिक उपकरणों से लैस सैन्य कुत्ते भी आकर्षण का केंद्र रहे।

सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाला यह समारोह करीब 90 मिनट तक चलेगा।‌ इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दिया।  इसी गौरवपूर्ण दृश्य के साथ देश आज फिर एक बार अपनी एकता, शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश दुनिया को दे रहा है।


गणतंत्र दिवस 2026 के भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री के साथ उन बहादुरों को नमन किया जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. इस भावुक क्षण के बाद, गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ. इसके बाद, सभी गणमान्य नागरिक कर्तव्य पथ की ओर अग्रसर हुए. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष के मुख्य अतिथि रहीं। कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति का अध्भुत नजारा देखने को मिला।  जिसमें राफेल, सुखोई और जैगुआर जैसे विमानों ने करतब दिखाए, जो आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती शक्ति को दिखाता है। इसके अलावा हर राज्य की झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने परेड की रौनक बढ़ाई…

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