मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर फहराया तिरंगा:
संवाददाता
26 January 2026
अपडेटेड: 5:41 PM 0thGMT+0530
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी गणतंत्र दिवस की बधाई:
77 वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को किया संबोधित:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन के शिप्रा नदी के तट पर तिरंगा फहराकर प्रदेश वासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिप्रा नदी के तट पर ,अपने गृह नगर उज्जैन में तिरंगा फहराया है।
आपको याद दिला दें कि अगले 2 वर्ष के बाद सिंहस्थ कुंभ भी लगने वाला है। और सिंहस्थ कुंभ का मुख्य आयोजन कार्तिक मेला ग्राउंड के पास दत्तखेड़ा और रामघाट पर ही होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी प्रदेशवासियों को बधाई:
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह दिवस संविधान ,लोकतांत्रिक मूल्यों और एकता के प्रति अपने कर्तव्यों को याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों से क्या कहा:
1..उन्होंने कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिसमें 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है।
2..इसके अलावा किसानों को समृद्ध बनाने के लिए उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें इन फसलों के उत्पादन 244 लिस्ट लाख मिलिट्री टन से बढ़कर 425 लाख मीट्रिक टन हो गया है। मध्य प्रदेश एक ऐसा राज्य बन गया है, जो टमाटर, धनिया, लहसुन और संतरे के उत्पादन में पहले स्थान पर आ चुका है। पुष्प उत्पादन, सीताफल, प्याज, हरी मटर ,नींबू, लाल मिर्च के उत्पादन में भी मध्य प्रदेश अग्रणी आ चुका है।
इसके पहले साल 2002 और 2003 में कृषि का बजट 600 करोड रुपए रखा गया था किंतु अब यह बढ़कर 27000 करोड़ से ज्यादा का हो गया है ।
3..मध्य प्रदेश में कृषि के विकास के लिए एक नया मॉडल भी तैयार किया जा रहा है। जिसमें कई गतिविधियों को शामिल किया जाएगा । इसका मकसद किसानों को समृद्ध बनाने के साथ-साथ प्रदेश को भी समृद्ध बनाना है।
4..मत्स्य उत्पादन के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रदेश को विशेष पुरस्कार भी मिल चुका है ।
पशुपालन मत्स्य उत्पादन, गौशालाओं के लिए राज्य सरकार कई लाभकारी कदम उठाने जा रही है।
पशुपालकों के लिए गोवंश, गौशाला में प्रति गाय ₹40 की अनुदान राशि दी जा रही है । जिससे गौशालाओं के लिए बजट 250 करोड़ से बढ़कर 505 करोड़ किया गया है । आपको बता दें कि प्रदेश में लगभग 3000 गौशालाएं हैं जो साढ़े 4 लाख गौ माता की देखभाल कर रही हैं।
5..उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। साल 2025 में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 1 हजार 92 औद्योगिक भूखंड उपलब्ध करवाए गए हैं। जिससे निवेशकों को पारदर्शी और आसान व्यवस्था मिल रही है ।उद्योगों के समग्र विकास के लिए वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश एमएसएमई ,विकास नीति, स्टार्टअप नीति , कार्य योजना और औद्योगिक भूमि और भवन आवंटन और प्रबंधन नियम लागू किए गए हैं।
6..मध्य प्रदेश में उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं ।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत रोजगार प्रदान किया जा रहे हैं।
7..इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को घर देने के लिए चार लाख से अधिक आवास बनाकर तैयार हो गए हैं और इस वर्ष इस 5:15 लाख आवास बनाने की योजना है
8..शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श विद्यालय हैं जिनका लाभ 25000 से ज्यादा बच्चों को मिल रहा है कई बच्चे 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति योजना का लाभ भी उठा रहे हैं।
9..भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को 7 लाख से अधिक किसानों को 1300 करोड रुपए की भावांतर राशि का भुगतान किया जाचुका है।
10..विद्युत के क्षेत्र में भी कई कार्य किए गए हैं। विद्युत क्षमता 1806 से मेगावाट की वृद्धि की योजना है। जिसमें से 851 मेगावाट क्षमता की वृद्धि पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। इसमें कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली और गैर कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली प्रदान की जा रही है। इसके अलावा सरकार किसानों को सोलर पंप देने की योजना पर भी काम कर रही है ।प्रदेश में 30 लाख विद्युत पंप को सरकार सोलर पंप में बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
11..रोजगार की संभावना साकार करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार निरंतर अग्रसर है । हाल ही में स्विट्जरलैंड में हुई वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में भारत का दल सबसे बड़ा था। जिसमें मध्य प्रदेश की भागीदारी महत्वपूर्ण थी । जिसमें यूके ,जर्मनी, जापान, स्पेन और दुबई के उद्यमियों से प्राप्त प्रस्तावों से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और रोजगार की संभावनाएं साकार करने का सरकार का लक्ष्य है।