*मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश से फसलों पर संकट*
संवाददाता
28 January 2026
अपडेटेड: 4:14 PM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में भारी नमी बनी हुई है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। इस नमी के असर से मंगलवार को राज्य के अनेक जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, वहीं मौसम विभाग ने बुधवार को भी यह सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
मंगलवार को गुना, शाजापुर और मंदसौर जिलों में ओलावृष्टि हुई। इसके अलावा पश्चिम मध्य प्रदेश के छह जिलों में तेज गर्जना-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई।
देर रात भोपाल, हरदा और रायसेन जिलों में भी बारिश हुई, जिससे मौसम और अधिक बिगड़ गया।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में विशेष रूप से बारिश के साथ ओले गिरने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम केंद्र ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं: ग्वालियर,
भिंड , मुरैना, शिवपुरी,मंदसौर
नीमच, भोपाल ,विदिशा, उज्जैन, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर l
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी जिले इस मौसम से सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।
कृषि विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि: अब तक की बारिश से सरसों और गेहूं को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है lयदि बारिश की मात्रा 50 मिलीमीटर से अधिक होती है, तभी नुकसान की आशंका रहेगी l चना और मटर की फसलों में अभी तक पानी नहीं लगा है, इसलिए इन फसलों के लिए हल्की से मध्यम बारिश लाभकारी मानी जा रही है
धार और रतलाम जिलों में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बारिश होती रही। इससे रबी फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
धार जिले के मनावर क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। किसानों का कहना है कि गेहूं, चना, सरसों और अफीम सहित अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है।
हालांकि, प्रशासन और कृषि विभाग के अनुसार:उद्यानिकी फसलों पर फिलहाल मामूली असर पड़ा है, किसी बड़े नुकसान की सूचना अभी तक सामने नहीं आई है l
लगातार बदलते मौसम और ओलावृष्टि की आशंका से किसानों में चिंता का माहौल है। यदि बारिश और ओले इसी तरह जारी रहे, तो रबी की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।