फर्जी यूपीआई ट्रांजैक्शन की रसीद भेज कर मकान मालिक से की 3.58 लाख की ठगी:
संवाददाता
29 January 2026
अपडेटेड: 2:16 PM 0thGMT+0530
मकान मालिक की फर्जी यूपीआई ट्रांजैक्शन की रसीद तैयार करके एक मकान मालिक को लगभग 3.58 लाख रुपए की चपत लग गई। दरअसल यह चपत लगाने वाली महिला किराएदार है।
बागसेवनिया पुलिस ने महिला और उसके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है । आरोपियों द्वारा किराया ट्रांसफर करने की यूपीआई ट्रांजैक्शन रसीद मकान मालिक को भेजी जाती थी। मकान मालिक ने जब बैक स्टेटमेंट निकाला तो उसमें खुलासा हुआ की 2 साल से उन्हें किराए की फर्जी रसीद भेजी जा रही थी।
बागसेवनिया पुलिस के अनुसार आनंद नगर, नर्मदा पुरम निवासी 64 वर्षीय रेनू खंडेलवाल के बेटे मयंक के नाम पेबल कॉलोनी में एक डुप्लेक्स मकान है। उन्होंने में 2021 में सी सेक्टर कोलार रोड दमखेड़ा निवासी भावना आहूजा और उनके बेटे शुभांग आहूजा को डुप्लीमेंट एग्रीमेंट करके किराए पर मकान दिया था । भावना द्वारा यूपीआई ट्रांजैक्शन से किराया दिया जाता था। जो रेनू खंडेलवाल के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता था। भावना आहूजा ने जनवरी 2023 तक किराया अदा किया ।
जब भावना से किराया देने की बात की जाती तो वह यूपीआई ट्रांजैक्शन की रसीद रेनू को व्हाट्सएप पर भेज देती थी।
ठगी का पता कैसे चला:
जब मकान मालिक ने बैंक का स्टेटमेंट निकाला ,तब उन्हें पता चला कि उन्हें 2 साल से फर्जी किराए की रसीद भेजी जा रही थी और 2 साल में उनसे करीब 3. 58 रुपए की ठगी की जा चुकी है।
भावना ने जून 2025 में जब किराए की रसीद भेजी तो रेनू खंडेलवाल अपने बैंक पहुंची और बचत खाते का स्टेटमेंट चेक किया। इसमें किराये की रकम की कोई एंट्री नहीं थी। इस बीच उसने अपने किराएदार भावना से बात की तो उन्होंने जवाब दिया की राशि ट्रांसफर कर दी है। जब रेणू ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाए तो पता चला कि भावना और शुभांक ने फरवरी 2023 से जून 2025 तक मकान का किराया अदा नहीं किया है और उनके द्वारा फर्जी यूपीआई ट्रांजैक्शन रसीद रेणू को भेजी जाती थी।इस तरह मां और बेटे ने रेणू के साथ मिलकर 3.5 लाख रुपए हड़प लिए।
और यह चपत लगाने वाली महिला और उसके बेटे के खिलाफ बागसेवनिया पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।