*आष्टा सिविल अस्पताल में आयुष्मान योजना में बड़े घोटाले का खुलासा*

khabar pradhan

संवाददाता

3 February 2026

अपडेटेड: 1:52 PM 0rdGMT+0530


आष्टा सिविल अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। प्राथमिक जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े के संकेत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उच्चस्तरीय जांच की तैयारी शुरू कर दी है।

बीएमओ डॉ. अमित माथुर ने बताया कि 440 पन्नों की ट्रांजेक्शन सूची के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2017-18 से 2023 के बीच आयुष्मान योजना के अंतर्गत लगभग 47 लाख रुपये से अधिक की राशि का संदिग्ध उपयोग किया गया।

मामले के सामने आने के बाद तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच में यह संकेत मिले हैं कि भुगतान प्रक्रिया में लेखापाल और चेक सत्यापन से जुड़े अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, जिससे लापरवाही या आपसी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में तत्कालीन बीएमओ डॉ. जीडी सोनी, डॉ. सुरेश माहौर और डॉ. प्रवीन गुप्ता भी जांच के दायरे में हैं। तकनीकी रूप से बिना ओटीपी और पहचान सत्यापन के भुगतान संभव नहीं है, इसके बावजूद लेनदेन होने से विभागीय प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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