सूर्यकुमार यादव के संघर्ष की मजबूत कहानी: 30 साल की उम्र में मिली सफलता
संवाददाता
10 February 2026
अपडेटेड: 5:53 PM 0thGMT+0530
सूर्यकुमार यादव का जन्म 14 सितंबर 1990 को में मुंबई में हुआ था। उनके पिता इंजीनियर और माता रोहिणी यादव ग्रहणी है । स्कूली दिनों में ही पिता ने उन्हें 12 वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिला दिया। पहले वह मुंबई की टीम में स्कूल टूर्नामेंट खेलते थे और फिर 2010 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया
कई बार रिजेक्ट हुए किंतु पत्नी ने दिया भरोसा:
सूर्य कुमार को टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने में करीब 11 साल का इंतजार करना पड़ा । साल 2010 में रणजी ट्रॉफी में मुंबई से खेलने लगे। लेकिन अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भी चयनकर्ता उन्हें रिजेक्ट कर देते थे। बार-बार रिजेक्शन से सूर्य याद कुमार निराश होने लगे । फिर साल 2018 में उन्होंने डाइट और ऑफ साइट शॉर्ट की तकदीर सुधारने के लिए कड़ी मेहनत की। उनकी पत्नी देवीशा शेट्टी ने उन्हें हिम्मत दी और भरोसा दिया। उनके प्रदर्शन में सुधार आया, लेकिन फिर भी 2020 के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे की भारतीय टीम में उनका चयन नहीं हुआ । इससे उन्हें आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंची । लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी ।
2023 में पहले उनके एंकल सर्जरी हुई । फिर 2025 में एब्डोमेन हॉर्निया का ऑपरेशन कराना पड़ा। सर्जरी के बाद कई महीनो तक उन्हें खेल से दूर भी रहना पड़ा ।
2021 में सेलेक्ट हुए अर्जुन पुरस्कार भी मिला:
2020 में ऑस्ट्रेलिया दौरे में रिजेक्शन के कुछ दिनों बाद ही 28 अक्टूबर को सूर्यकुमार ने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु के खिलाफ 43 गेंद में नाबार्ड 79 रन की धमाकेदार पारी खेली । और यही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना । उनके इस खेल से चयनकर्ता प्रभावित हुए ।
अंततः उनके जीवन में वह पल भी आया जब उन्हें 2021 में इंग्लैंड दौरे के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया।
अगले ही साल 2022 में यादव को 31 टी20 मैचों में 1164 रन बनाने पर आईसीसी टी 20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर का अवार्ड मिला।
2024 में उन्हें भारतीय टी 20 टीम का कप्तान बनाया गया। टी 20 क्रिकेट में असाधारण योगदान के लिए सूर्य कुमार को अर्जुन पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जा चुका है।