गुड़हल में ज्यादा फूल पाने के लिए फरवरी में करें यह उपाय
संवाददाता
12 February 2026
अपडेटेड: 1:29 PM 0thGMT+0530
गुड़हल एक ऐसा पौधा है जिसमें बहुत सी वेराइटी देखने को मिलती है। इसमें लाल रंग का फूल वाला गुड़हल देसी वैरायटी होता है और कुछ हाइब्रिड वैरायटी के गुड़हल आते हैं।
आज हम आपको बता रहे हैं कि फरवरी के मौसम में गुड़हल के पौधे में थोड़ी देखभाल से बहुत सारे फूल पा सकते हैं।
यदि आपके गुड़हल के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं या पौधा सूख गया है नई ग्रोथ निकालकर नहीं आ रही है तो फरवरी के महीने में आपको जरूर उसे पर ध्यान देना चाहिए ।
सबसे पहले तो गुड़हल के पौधे को धूप की जरूरत होती है । कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप गुड़हल के पौधे को चाहिए। गुड़हल धूप का पौधा है और सर्दियों में फूल नहीं देता। फरवरी मार्च से इसमें फूल आने शुरू होते हैं। किंतु यदि आपके गुड़हल पर फरवरी के मौसम में फूल नहीं आ रहे हैं तो आपको जरूर कुछ काम करना चाहिए
1..सबसे पहले तो यदि पौधा आपने गमले में लगा कर रखा है तो आपको देखना होगा कि रूट बाॅन्ड तो नहीं हो रहा है। जड़े बाहर तो नहीं दिख रही है ।
मिट्टी बंध तो नहीं गई है । सबसे पहले आप रूट की ट्रिमिंग करें ।पौधे की मिट्टी को हेल्दी बनाएं और इसे बड़े पाॅट या बड़े गमले में शिफ्ट कर दें।
2.. सूखी हुई पत्तियों सूखे हुए फूल तुरंत हटा दें इससे पौधे की ऊर्जा बीज बनाने में खर्च होने लगती है और नई कलियां नहीं आती।
3.. गमले की मिट्टी में हमेशा नमी होना चाहिए । बहुत अधिक पानी नहीं भरना चाहिए।
4.. गमले का ड्रेनेज हॉल खुला हुआ होना चाहिए । जिससे अधिक पानी बाहर निकल सके।
5.. गमले की मिट्टी में थोड़ा गुडाई करके गोबर की खाद और वर्मी कंपोस्ट डालें।
6.. इसके अलावा हम कुछ घरेलू खाद भी डाल सकते हैं ,जिससे हमें फूलों की अधिक मात्रा मिलती है।
7.. केले के छिलकों को पानी में भिगो दें और प्याज के छिलके इसी पानी में मिक्स कर दें । दो से तीन दिन तक इसे ऐसा ही रखा रहने दे।
8.. इसके बाद इस पानी को छानकर इसमें थोड़ा सा सादा पानी मिलाकर पौधों को दें।
9.. यह लिक्विड खाद सिर्फ गुड़हल ही 9..नहीं बल्कि सभी फूल वाले पौधों के लिए फायदेमंद होती है। इसे गुलाब, मोगरा यहां तक की सब्जियों के पौधों में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें पोटेशियम अधिक होता है और पोटेशियम युक्त घोल फूल वाले पौधों में बहुत फायदेमंद होता है । इससे फूलों की संख्या बढ़ती है और फूलों का आकार भी बड़ा होता है।
10.. इसके अलावा आलू के छिलके प्याज के छिलके और लहसुन के छिलके सब्जियों और फलों के छिलके का भी लिक्विड खल बन कर पौधों में दे सकते हैं । आलू के छिलके में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है। जो गुड़हल में अधिक फूल लाता है। प्याज के छिलके सल्फर पोटेशियम और कई अन्य पौष्टिक पोषक तत्वों से भरे होते हैं। इससे पौधों की इम्युनिटी बढ़ती है।
11.. लहसुन के छिलकों में एंटी फंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। ये पौधों को बीमारियों और कीड़ों से बचाते हैं।
12.. सभी सब्जियों के छिलकों को 3 दिन तक पानी में भिगो कर रख देना चाहिए। इससे पानी का रंग बदल जाता है और बहुत गाढ़ा हो जाता है। इसे पौधों में सीधा इस्तेमाल नहीं करें। इसे किसी जाली या पतले कपड़े से छानकर और दो भाग या तीन भाग सादा पानी मिलाकर उसे पौधों में इस्तेमाल करना चाहिए।
इन लिक्विड खाद की इस्तेमाल से गुड़हल में भरपूर मात्रा में फूल का सकते हैं।