दूरदर्शन की मशहूर समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन:

khabar pradhan

संवाददाता

13 February 2026

अपडेटेड: 2:52 PM 0thGMT+0530

दूरदर्शन की मशहूर समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन:



भारतीय टेलीविजन इतिहास का एक सुनहरा अध्याय:
सादगी और गरिमा की मिसाल दूरदर्शन न्यूज़ एंकर: सरला माहेश्वरी

भारतीय टेलीविजन इतिहास का एक सुनहरा अध्याय और 1980 के दशक में अपनी शानदार प्रेजेंटेशन के लिए आईकॉनिक दूरदर्शन न्यूज़ एंकर सरला महेश्वरी का दिल्ली में निधन हो गया।
दूरदर्शन के स्वर्णिम दौर की एक और पहचान अब केवल यादों में रह गई है। अपनी सादगी और गंभीर आवाज़ से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली प्रसिद्ध समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का गुरुवार को दिल्ली के शक्ति नगर स्थित उनके आवास में 71 वर्ष  की आयु में निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार चल रही थीं।

उनका अंतिम संस्कार दिल्ली नगर निगम के बोध घाट पर किया गया, जहां मीडिया जगत की कई हस्तियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

दिल्ली दूरदर्शन की एक सम्मानित और प्रतिष्ठित समाचार वाचिका थी अपनी सौम्या आवास स्पष्ट उच्चारण और गरिमा में प्रस्तुति से उन्होंने समाचार जगत में एक अपना विशेष स्थान भी बनाया था वह अपनी सादगी और संयम के लिए जानी जाती थी। उनकी शैली उनके बोलने के अंदाज ने दर्शकों के दिल में गहरी पैठ बना ली थी।

अपनी सधी आवाज और प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए पहचानी जाने वाली सरला माहेश्वरी ने लोगों के दिल में एक खास जगह बनाई थी l वह 1980 और 1990 के दशक की सबसे लोकप्रिय टीवी समाचार प्रस्तुतकर्ता थी l

सरला माहेश्वरी का जन्म दिल्ली के सीताराम बाजार (दिल्ली- 6) के एक वैश्य परिवार में हुआ था। उनकी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई थी।
दूरदर्शन के साथ उनके करिअर की शुरुआत 1976 में हुई थी l उस वक़्त वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहीं थीं l 1984 तक वह दूरदर्शन से जुड़ी रही ,उसके बाद वे यूके चली गई और बीबीसी के साथ जुड़ गई l  1988 में वह पुनः वापस भारत लौटी और दूरदर्शन के साथ जुड़ गई और 2005 तक दूरदर्शन के साथ जुड़ी रहीं l

परिवार के सूत्रों के मुताबिक वे लंबे समय से पार्किंसंस बीमारी से पीड़ित थी।
इस बीमारी में मस्तिष्क के एक हिस्से में डोपामाइन बनाने वाली कोशिकाएं धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं । जिससे शरीर में कंपकंपी होती है और मांसपेशियों में अकड़न आ जाती है।‌ जिसकी वजह से लोग धीरे-धीरे चल पाते हैं ,क्योंकि संतुलन बिगड़ने की संभावना रहती है।  इस बीमारी की वजह से मरीज को बोलने और लिखने में भी दिक्कत महसूस होती है।  परिवार के मुताबिक सुबह टहलने के दौरान घर लौटते समय गिरकर उनकी मौत हो गई।
उन्होंने 71 वर्ष की आयु में दिल्ली में अंतिम सांस ली।  उनके निधन से संपूर्ण मीडिया जगत में शोक की लहर फैल गई है।

टिप्पणियां (0)