मनोज वाजपेई की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’  घोषणा के बाद से ही विवादों में छा गई है।  फिल्म के नाम को लेकर ब्राह्मण समुदाय ने आपत्ति जताई है।  और मामला कोर्ट तक पहुंच गया।

कोर्ट से मेकर्स को बड़ा झटका लगा है और मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया है । इसके बाद एक्टर मनोज बाजपेई की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।  उन्होंने कहा है कि हमारा देश बहुत संवेदनशील हो गया है।  हम हमेशा तनाव में रहते हैं छोटी-छोटी बातों में अपना आपा खो देते हैं। और व्यक्तिगत रूप से आप शब्दों का गलत  प्रयोग करने लगते हैं । अब फिल्म के शीर्षक में इन सभी बातों का ध्यान रखा जा रहा है । इस फिल्म में मनोज बाजपेई मुख्य भूमिका में है।


फिल्म के टाइटल के नाम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
बीते 3 फरवरी को इस फिल्म का आधिकारिक ऐलान किया गया था।
किंतु फिल्म के शीर्षक को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए हैं।  ब्राह्मण समाज ,संत समाज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया । लोगों ने फिल्म के निर्माता नीरज पांडे और मनोज और वाजपेई के पुतले भी फूंके।

फिल्म के टाइटल को लेकर कोर्ट की फटकार:

फिल्म के टाइटल को लेकर फिल्म मेकर्स नीरज पांडे को कोर्ट ने फटकार लगाई है । कोर्ट ने कहा कि ऐसे टाइटल का इस्तेमाल कर समाज के एक हिस्से को बदनाम नहीं किया जा सकता।
फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी वी नागरत्ना और उज्जवल भुयान की बेंच ने एक नोटिस भी जारी किया है। कोर्ट
ने फिल्म मेकर्स को एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया और इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

इस फिल्म के विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भी एफआईआर दर्ज की गई थी । वहीं बसपा पार्टी प्रमुख मायावती ने भी फिल्म के टाइटल का विरोध किया था । उन्होंने  इस फिल्म का नाम जातिवादी और अपमानजनक बताते हुए सरकार से फिल्म को बैन करने की मांग की थी।

विश्व हिंदू परिषद ने भी फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताई थी।
और इसे समाज के सबसे सम्मानित वर्ग पर हमला बताया । विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि यह बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है । फिल्म के नाम से हमारे हिंदू समाज के सबसे सम्मानित वर्ग पर हमला करके देश में नफरत और शांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं । इसे तुरंत रोके और माफी मांगे । वरना हिंदू समाज आपके ऐसे बार-बार किए जाने प्रयासों के खिलाफ लोकतांत्रिक कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगा।
मध्य प्रदेश में भी फिल्म के नाम को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हुए और FIR दर्ज की गई।

मनोज बाजपेई ने दी सफाई:

मनोज बाजपेई इस फिल्म के लीड रोल पर हैं । उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सफाई पेश की । उन्होंने कहा इस फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है ,जिसमें कुछ कमियां है । और उसका किसी जाति या समुदाय से कोई लेना देना नहीं है।  फिर भी उन्होंने पोस्ट के जरिए स्वीकार किया कि फिल्म के टाइटल
से दर्शकों के एक वर्ग को दुख पहुंचा है और इससे फिल्म के सभी प्रमोशनल मैटेरियल फिलहाल हटा दिए जाएंगे।