अकेली महिला यात्रियों के लिए आरपीएफ की ‘मेरी सहेली’ पहल बनी भरोसे की ढाल
संवाददाता
18 February 2026
अपडेटेड: 4:23 PM 0thGMT+0530
ग्वालियर : ट्रेन में अकेले सफर करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल की ‘मेरी सहेली’ पहल प्रभावी साबित हो रही है। यह सेवा केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला यात्रियों को भरोसा, संवेदना और सहयोग का अनुभव भी कराती है। यात्रा शुरू होते ही महिलाओं को यह एहसास कराया जाता है कि वे अकेली नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर टीम हर समय उनके साथ है।
रेलवे की महिला सुरक्षा टीम ट्रेनों में नियमित रूप से जाकर महिला यात्रियों से संवाद करती है। ग्वालियर आरपीएफ की प्रशिक्षित महिला कर्मी टीम के रूप में कार्य करते हुए यात्रियों का पूरा विवरण दर्ज करती हैं और उनकी समस्याओं को सुनती हैं। यह टीम सीट, कोच या अन्य असुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान कराने का प्रयास करती है। यदि कोई महिला असहज या असुरक्षित महसूस करती है तो टीम तुरंत संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करती है।
यह पहल पूरी तरह रियल टाइम सिस्टम पर आधारित है। प्रमुख स्टेशनों जैसे दिल्ली, मथुरा, आगरा और ग्वालियर में ‘मेरी सहेली’ टीम महिला यात्रियों से संपर्क बनाती है। इससे यात्रा के हर चरण में सुरक्षा का दायरा बना रहता है और यात्रियों को लगातार सहयोग मिलता है। जरूरत पड़ने पर टीम अगले स्टेशन तक सूचना साझा करती है, ताकि आगे भी सुरक्षा बनी रहे।
पिछले महीने इस पहल के तहत बड़ी संख्या में महिला यात्रियों से संपर्क किया गया। जनवरी में टीम ने 500 से अधिक ट्रेनों में यात्रा कर रही करीब 7500 महिलाओं से संवाद स्थापित किया। इस दौरान न केवल उनकी समस्याओं का समाधान किया गया, बल्कि उन्हें सुरक्षा और सतर्कता के प्रति जागरूक भी किया गया।
यात्रियों का कहना है कि इस पहल से उन्हें यात्रा के दौरान काफी सुकून मिलता है। कई महिलाओं ने बताया कि पहली बार उन्हें ट्रेन में इतना सुरक्षित महसूस हुआ। टीम की सक्रियता और संवेदनशील व्यवहार से महिला यात्रियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और यह सेवा अब भरोसे का प्रतीक बनती जा रही है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, ‘मेरी सहेली’ पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव देना है। महिला कर्मियों की नियमित उपस्थिति से असामाजिक तत्वों में भी भय का माहौल बनता है, जिससे रेल यात्रा और अधिक सुरक्षित हो रही है।