नकली उम्मीदवार के सहारे पीओ परीक्षा पास, ज्वाइनिंग के दौरान खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

khabar pradhan

संवाददाता

18 February 2026

अपडेटेड: 3:20 PM 0thGMT+0530

नकली उम्मीदवार के सहारे पीओ परीक्षा पास, ज्वाइनिंग के दौरान खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

बैंक भर्ती प्रक्रिया में हुई इस संगठित धोखाधड़ी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वर्ष 2023 में आयोजित राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की प्रोबेशनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अभ्यर्थी ने अपने स्थान पर साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलवाई और चयन भी हासिल कर लिया। मामला तब उजागर हुआ जब वह अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए पहुंचा और दस्तावेज व बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी सामने आई।

फॉर्म में असली उम्मीदवार की जगह दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर परीक्षा दी गई।

जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थी ने आवेदन संदीप नाम से किया था, लेकिन आवेदन पत्र में लगी फोटो किसी अन्य व्यक्ति की थी। इसी साल्वर ने भोपाल स्थित आईऑन डिजिटल परीक्षा केंद्र पर प्रारंभिक परीक्षा दी। इसके बाद उसी नेटवर्क के जरिए मुख्य परीक्षा भी दिलवाई गई, जिससे अभ्यर्थी का चयन सुनिश्चित हो गया।

संगठित तरीके से किया गया फर्जीवाड़ा, लंबे समय तक नहीं हुआ संदेह।

पूरी प्रक्रिया इतनी सुनियोजित थी कि परीक्षा के दौरान किसी स्तर पर संदेह नहीं हुआ। प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में पहचान की प्रक्रिया को धोखा देकर अभ्यर्थी ने सफलता हासिल कर ली। इस कारण भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।

ज्वाइनिंग के समय बायोमेट्रिक जांच में हुआ खुलासा।

हाल ही में जब चयनित अभ्यर्थी राजस्थान में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा, तब दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच के दौरान फोटो और फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हुआ। इसी के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ और संबंधित अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

भोपाल में दर्ज हुआ मामला, जांच एजेंसियां सक्रिय।

सेंटर भोपाल में होने के कारण मामला बिलखिरिया थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस ने शून्य पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और किन-किन परीक्षाओं में इस तरह की धोखाधड़ी की गई है।

परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर, सख्ती की मांग तेज।

इस घटना के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में पहचान सत्यापन और तकनीकी निगरानी को और मजबूत करने की मांग उठ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई से ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा कायम रह सकता है।

टिप्पणियां (0)