एमपी विधानसभा बजट 2026- 27—4.25 लाख करोड़ का बजट पेश:
संवाददाता
18 February 2026
अपडेटेड: 5:56 PM 0thGMT+0530
मध्य प्रदेश विधानसभा में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त वर्ष 2026 27 का 4.25 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया है।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अपना तीसरा बजट पेश किया है जिसमें महिलाओं युवाओं और किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
इसमें नगर विकास ,ग्रामीण अधोसंरचना ,स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया है।
2026 27 का यह बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड रुपए का है ।वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 घंटे 30 मिनट तक बजट पेश किया।
लाडली बहनों के लिए:
मोहन सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करते हुए लाडली बहन योजना के तहत 23882 करोड़ का प्रावधान किया है।
लाडली बहन योजना का लाभ एक करोड़ 25 लाख महिलाएं ले रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य हर महिला को सक्षम बनाना है और लाडली बहन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।
किसानों के लिए प्रावधान:
वित्त मंत्री ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में 3000 करोड़ की लागत से एक लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे और यह योजना मध्य प्रदेश के सभी जिले के किसानों के लिए होगी।
सिंहस्थ के लिए बजट:
2026 -27 के बजट में सिंहस्थ महाकुंभ के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ के लिए 3 हजार 60 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। जिसमें सिंहस्थ के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मध्य प्रदेश की आम जनता को राहत देते हुए कोई नया टैक्स नहीं लगाया। उन्होंने कहा यह विकास और जन कल्याण से जुड़ा हुआ है । जनजातीय विकास के लिए 11 हजार 277 गांव के लिए 793 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
नए शिक्षकों की भर्ती हेतु:
इस बजट में शिक्षा विभाग को लेकर भी कई घोषणाएं की गई है जिसमें प्रदेश में 294 संदीप ने स्कूल के साथ 15000 नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड रुपए का प्रावधान रखा गया है।
पुलिस विभाग में भर्ती हेतु:
पुलिस विभाग में 22,500 पद के लिए अलग-अलग भर्ती की जाएगी। इसके अलावा पुलिस कर्मियों और उनके परिवार को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 11000 नए पुलिस आवास बनाए जा चुके हैं । और 254 थाने, 199 पुलिस चौकी और 24 प्रशासनिक भवन बनाए जाएंगे । सभी जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष बनाने की मंजूरी दी गई है।
कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु 14,306 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।