सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों में भर्ती की तैयारी तेज, 100 प्रोफेसर पदों को मिली मंजूरी

khabar pradhan

संवाददाता

20 February 2026

अपडेटेड: 10:29 AM 0thGMT+0530

प्रदेश के सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों में लंबे समय से चल रही शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य और आयुष विभाग के तहत 100 प्रोफेसर पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इससे कॉलेजों में पढ़ाई और शोध कार्य को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। कई कॉलेजों में सीटें बढ़ने के बावजूद योग्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा रही थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। नई भर्ती से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।

सरकार का लक्ष्य आयुर्वेद शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत करना है। इस योजना के तहत पीएससी के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी और विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी। इससे अनुसंधान और उपचार की गुणवत्ता में भी सुधार होने की संभावना है।

मेडिकल और आयुष शिक्षा के विस्तार के साथ फैकल्टी की आवश्यकता बढ़ी है, इसलिए यह भर्ती अहम मानी जा रही है। कई कॉलेजों में 60 से 75 सीटों के मुकाबले केवल 36 शिक्षक उपलब्ध हैं, जबकि 100 सीटों पर 51 शिक्षक और 200 सीटों पर करीब 90 शिक्षक होने चाहिए। इस अंतर को कम करने के लिए नियुक्तियां जरूरी बताई गई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त फैकल्टी न होने से मान्यता और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ता है। समय पर भर्ती होने से छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और आयुर्वेद के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। आने वाले समय में यह कदम प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने में भी मददगार साबित हो सकता है।

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