पंचकर्म से गठिया उपचार को लेकर बढ़ा भरोसा, सात दिन में राहत का दावा
संवाददाता
20 February 2026
अपडेटेड: 3:58 PM 0thGMT+0530
आयुर्वेदिक उपचार से सुधार की उम्मीद
भोपाल के पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से गठिया के दर्द में सात दिनों के भीतर 50 फीसदी तक सुधार देखा जा रहा है। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच यह उपचार मरीजों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रहा है।
आधुनिक और पारंपरिक चिकित्सा का समन्वय
कार्यशाला में देशभर से आए आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने भाग लिया और पंचकर्म की उन्नत तकनीकों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने बताया कि यह पद्धति केवल दर्द कम नहीं करती, बल्कि शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर बीमारी की जड़ पर काम करती है, जिससे लंबे समय तक लाभ मिलता है।
डिटॉक्स प्रक्रिया से बढ़ती रोग प्रतिरोधक क्षमता
पंचकर्म विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. बबीता दाश ने बताया कि अस्पताल में घुटनों के दर्द, हड्डियों की समस्या, लकवा और त्वचा रोगों का उपचार किया जा रहा है। डिटॉक्सिफिकेशन और बस्ती जैसी प्रक्रियाओं से शरीर की सफाई होती है, जिससे रोगों में तेजी से सुधार और जीवन गुणवत्ता में सुधार होता है।
पंचकर्म से गंभीर गठिया में भी राहत
सीहोर के 55 वर्षीय एक मरीज लंबे समय से गंभीर गठिया से परेशान थे और बिना सहारे चलना मुश्किल था। कई अस्पतालों में इलाज के बाद सर्जरी की सलाह दी गई थी, लेकिन खुशीलाल आयुर्वेदिक अस्पताल में 10 दिन की चिकित्सा के बाद अब वे पैदल चलकर अस्पताल आने लगे हैं।
समय पर उपचार से फिर जागी उम्मीद
विदिशा की 42 वर्षीय महिला लकवे के कारण शरीर के एक हिस्से का उपयोग नहीं कर पा रही थीं। यहां स्नेहन, स्वेदन और विशेष पंचकर्म उपचार के बाद उनके शरीर में सुधार हुआ, जिससे चलने-फिरने की उम्मीद फिर से जगी है।
वैज्ञानिक शुद्धिकरण प्रक्रिया है पंचकर्म
विशेषज्ञों ने बताया कि पंचकर्म केवल मालिश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर को संतुलित करने वाली वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और भविष्य में बीमारियों की संभावना कम होती है।
प्राकृतिक उपचार की ओर बढ़ता रुझान
चिकित्सकों का मानना है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते दौर में आयुर्वेद की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। सही जानकारी और जागरूकता से अधिक लोगों को प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार पद्धति से जोड़ा जा सकता है।