एआई समिट का चौथा दिन: भारत बना एआई का हब –टेक दिग्गजों ने देखा भारत का जलवा:

khabar pradhan

संवाददाता

20 February 2026

अपडेटेड: 6:46 PM 0thGMT+0530

एआई समिट का चौथा दिन: भारत बना एआई का हब –टेक दिग्गजों ने देखा भारत का जलवा:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिति का गुरुवार को उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एआई के लिए मानव विजन भी पेश किया।  उन्होंने बताया कि यह 21वीं सदी का एआई आधारित दुनिया में मानव कल्याण की अहम कड़ी बनेगा। लोगों का जीवन सरल और सुरक्षित बनाने और अनियंत्रित एकाधिकार के उपयोग से जोखिमों के बहस के बीच यह एआई इंपैक्ट 2026 आयोजित हो रहा है । दुनिया की टेक दिग्गजों ने भारत की अहमियत को स्वीकार किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एआई नेतृत्व की भूमिका में है उन्होंने नई तकनीक का जनकल्याण में सदुपयोग के लिए भारत का मानव मंत्र भी दिया।

एआई का उपयोग हो जनकल्याण के लिए:
‘सर्वजन हिताय- सर्वजन सुखाय’ की भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि एआई, मशीनों की बुद्धिमत्ता के साथ मानव की क्षमता भी बढ़ा रही है । ऐसे में हमारी बड़ी जिम्मेदारी है कि इस तकनीक के साथ हम कैसा व्यवहार करें।  एआई परमाणु शक्ति की तरह ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है।  यदि सही दिशा में कार्य करें तो समाधान होंगे और यदि हम दिशाहीन हुए तो विनाश होगा ।
मोदी ने साफ कहा कि एआई के लिए इंसान सिर्फ डाटा पॉइंट तक सीमित ना रह जाए । इसलिए इसका लोकतंत्रीकरण करना अनिवार्य होगा । इस ग्लोबल साउथ में समावेशी और सशक्तिकरण का माध्यम बनाना होगा एआई को अपने सुरक्षा नियमों को स्पष्ट और पारदर्शी रखना चाहिए।
उन्होंने ब्लैक बॉक्स के बजाय ग्लास बॉक्स दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान भी किया।

मोदी ने कहा एआई भय नहीं -भाग्य और भविष्य है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को एआई में भय दिखता है तो कुछ लोगों को भाग्य दिखता है । भारत को एआई में भाग्य नजर आता है । उन्होंने जिम्मेदारी से कहा कि हमें एआई में भय नहीं बल्कि भाग्य और भविष्य दिखता है । क्योंकि हमारे पास टैलेंट भी है ,एनर्जी भी है और नीतिगत स्पष्टता भी है।

मोदी ने आई दिग्गजों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए Design and development in India deliver to the world and humanity  का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने आई में बच्चों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सजग होने के लिए ए ट्रेंनिंग डाटा फ्रेमवर्क बनाने सुरक्षित और विश्वसनीय डाटा बनाने के लिए जरूरी ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाने का सुझाव भी दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिया ‘मानव’ विजन का अर्थ:
प्रधानमंत्री मोदी ने नई तकनीक के जन कल्याण में सदुपयोग के लिए मानव  ‘MANAV’ विजन पेश किया,।

M–moral and ethical system यानी एआई में इंसानियत वह जिम्मेदारी हो।
A–accountable यानी एआई पर नजर भी हो और जवाबदेही भी।
N–National sovereignty यानि राष्ट्रीय स्वामित्व मतलब डाटा पर देश का हक सुरक्षित हो।
A-accessible and inclusive सुलभ और सबके लिए मतलब एआई पर एकाधिकार नहीं यह सब के विकास का साधन बने।
V–valid and legitimate वेद और भरोसेमंद मतलब एइई नियमों के दायरे में और भी विश्वास के साथ काम करें।

क्या असली है –क्या एआई से –लेबल करना जरूरी:

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज  ग्लोबल स्टैंडर्ड की  बहुत जरूरत है। डीफफेक, ओपन सोसाइटी में अस्थिरता ला रहा है । डिजिटल वर्ल्ड में कंटेंट में भी लेवल होना चाहिए।  जिससे लोगों को पता चल सके कि क्या असली है और क्या एआई से बनाया गया है ।आज दुनिया में दो तरह के लोग हैं कुछ लोगों को एआई में भय दिखता है दूसरे हैं जिनमें एआई में भाग्य दिखता है। उन्होंने जिम्मेदारी से कहा कि हमें एआई में भय नहीं बल्कि भाग्य और भविष्य दिखता है क्योंकि हमारे पास टैलेंट भी है एनर्जी भी है और नीतिगत स्पष्ट ही है।

टिप्पणियां (0)