ATM गड़बड़ी पर 12 साल बाद मिला न्याय: बैंक को चुकाने पड़े लाखों रुपये

khabar pradhan

संवाददाता

21 February 2026

अपडेटेड: 2:25 PM 0stGMT+0530

छोटी रकम से शुरू हुई लड़ाई, बड़ा मुआवजा दिला गया फैसला
छत्तीसगढ़ के महासमुंद के एक नागरिक की लंबी कानूनी लड़ाई ने बैंकिंग सिस्टम में हलचल मचा दी। एटीएम से केवल 1000 रुपये कम निकलने के मामले में पीड़ित ने 12 साल तक संघर्ष किया और आखिरकार उसे 4,36,787 रुपये का मुआवजा मिला। यह मामला 27 अक्टूबर 2010 से शुरू हुआ था, जिसने उपभोक्ता अधिकारों को लेकर नई मिसाल पेश की।

एटीएम से निकासी में गड़बड़ी बनी विवाद की वजह
पीड़ित जयराम पटेल अपनी पत्नी के एटीएम कार्ड से एक्सिस बैंक के एटीएम से 2000 रुपये निकाल रहे थे, लेकिन मशीन से केवल 1000 रुपये ही निकले, जबकि खाते से पूरी राशि कट गई। शिकायत करने पर बैंक से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।

शिकायत पर बैंक मैनेजर का रवैया भी बना मुद्दा
पीड़ित जब अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुंचे तो आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने धमकी और दुर्व्यवहार किया। इससे मामला और गंभीर हो गया और उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई। इस घटना ने बैंक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।

राष्ट्रीय फोरम के आदेश के बाद भी बैंक ने की देरी
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के आदेश के बाद भी बैंक भुगतान में टालमटोल करता रहा। इसके बाद जिला उपभोक्ता फोरम महासमुंद ने सख्त रुख अपनाते हुए बैंक शाखा प्रबंधक के खिलाफ गिरफ्तारी और वसूली वारंट जारी किया। कार्रवाई की आशंका के चलते बैंक ने तुरंत भुगतान कर दिया।

ग्राहकों के लिए अहम सीख, ऐसे मामलों में क्या करें
विशेषज्ञों के अनुसार एटीएम लेनदेन में गड़बड़ी होने पर तुरंत बैंक को लिखित शिकायत दें और उसकी रसीद संभालकर रखें। यदि सात दिनों में समाधान न मिले तो ग्राहक प्रतिदिन 100 रुपये तक मुआवजा पाने के हकदार होते हैं। जरूरत पड़ने पर जिला उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर न्याय प्राप्त किया जा सकता है।

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