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वर्दी नहीं, सहनुभूति से बनेगी पुलिस की पहचान
जनता से जुड़ाव और संवेदनशीलता पर दिया जोर
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि पुलिस की असली पहचान उसकी वर्दी नहीं, बल्कि सहनुभूति और व्यवहार से बनती है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से जनता के साथ मानवीय और संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि पुलिस का काम केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है।

प्रशिक्षण और अनुशासन को बताया बेहतर पुलिसिंग की कुंजी
भोपाल स्थित पुलिस अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक दौर में पुलिस को तकनीक के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई, ताकि पुलिस बल हर परिस्थिति में बेहतर तरीके से काम कर सके।

डिजिटल सुरक्षा और नई चुनौतियों पर भी ध्यान जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को लगातार अपडेट रहना होगा। इसके लिए तकनीकी दक्षता और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित वातावरण देने के लिए पुलिस को समय के साथ बदलना जरूरी है।

खेल, सेवा और सकारात्मक सोच से बनेगा मजबूत पुलिस बल
कार्यक्रम के दौरान खेल और शारीरिक फिटनेस के महत्व पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने कहा कि एक स्वस्थ और सकारात्मक सोच वाला पुलिस बल ही समाज की बेहतर सेवा कर सकता है। उन्होंने पुलिस कर्मियों से हर नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और विश्वास जीतने का आह्वान किया।


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