2 मार्च को होलिका दहन, 4 को धूमधाम से मनाई जाएगी होली
संवाददाता
24 February 2026
अपडेटेड: 1:43 PM 0thGMT+0530
इस बार दो तिथियों के कारण लोगों में बना संशय खत्म।
इस वर्ष होली को लेकर शहर में चल रहा भ्रम अब दूर हो गया है। ज्योतिषाचार्यों और पंचांग के अनुसार होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों का पर्व होली 4 मार्च को मनाया जाएगा। तिथियों के अंतर के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब स्पष्ट कर दिया गया है।
3 मार्च को रंग नहीं, 4 को ही खेले जाएंगे गुलाल।
पंडितों का कहना है कि भद्रा और अन्य ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को देखते हुए 3 मार्च को रंग खेलने का मुहूर्त शुभ नहीं है। पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 6:04 पर आएगी इसके साथ ही भद्रा भी प्रारंभ हो जाएगा l भद्रा का समापन 3 मार्च को सुबह 5:01 पर होगा इसलिए 5:01 से सूर्योदय 6:44 तक होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा l आवश्यक स्थिति में भद्रा के पूछ कल में रात 2:00 बजे के बाद होलिका दहन किया जा सकता है l पूर्णिमा तिथि तीन को शाम 5:15 तक रहेगी अत धूलंडी पर्व उदयकालिनी प्रतिपदा 4 मार्च को मनाया जाएगा l 3 मार्च को ग्रहण भी है l भारतीय समय अनुसार ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3:20 मध्य शाम 5:04 और मोक्ष 6:45 पर होगा भारत में यह ग्रस्तोदय स्थिति में दिखाई देगा भोपाल में यह ग्रहण सूर्यास्त के समय कुछ समय के लिए देखा जा सकेगाl इसलिए 4 मार्च को ही रंग, गुलाल और होली उत्सव मनाने की सलाह दी गई है, ताकि धार्मिक परंपराओं का सही पालन हो सके।
होलिका दहन का समय और विशेष मुहूर्त घोषित।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2 मार्च को रात में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दौरान लोग पूजा-अर्चना कर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व मनाएंगे। मंदिरों और कॉलोनियों में सामूहिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
शहर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए तैयारियां शुरू।
प्रशासन और पुलिस ने त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और लोगों से भी शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
होली उत्सव समिति ने निकाली जाएगी शोभायात्रा।
हिंदू उत्सव समिति के अनुसार 4 मार्च को शहर में होली उत्सव की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें पारंपरिक झांकियां, ढोल-नगाड़े और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
पारंपरिक उल्लास के साथ मनाने का संदेश।
समिति और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि होली को परंपरागत उत्साह और भाईचारे के साथ मनाएं। साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूक रहते हुए सुरक्षित और मर्यादित तरीके से त्योहार का आनंद लें।