ईरान-अमेरिका तनाव और बढ़ा ;ट्रंप ब्रिटिश प्रधानमंत्री से नाराज
संवाददाता
3 March 2026
अपडेटेड: 12:31 PM 0rdGMT+0530
3 मार्च 2026
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने उसके सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यदि वाशिंगटन ने ऐसी कार्रवाई जारी रखी तो उसे इसकी “कीमत चुकानी होगी”।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से बातचीत के दौरान क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने अमेरिका को हिंद महासागर में मौजूद अपने सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसे लेकर ट्रंप ने नाराजगी जताई है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच मध्य पूर्व में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हल तलाशने की कोशिशें जारी हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान का 4 देशों में 6 अमेरिकी ठिकानों पर हमला, 555 की मौत
मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है। ईरान ने 4 देशों में मौजूद 6 अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। कुवैत में अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए। बताया गया है कि जेट कुछ देर तक हवा में गोल-गोल घूमते रहे और फिर जमीन से टकरा गए। हालांकि, इन हादसों में किसी की मौत की खबर नहीं है।
दूसरी ओर, ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने साफ कहा है कि ईरान अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उनका यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान अमेरिका के साथ फिर से वार्ता शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
इधर, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अब तक ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। शुरुआती 30 घंटों में ही 2000 से अधिक बम गिराए गए। इन हमलों में अब तक 555 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 180 छात्रों की जान चली गई और 45 अन्य घायल हो गए। लगातार हो रहे हमलों के बीच पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं
अमेरिका का दावा– कुवैत में हमारे 3 फाइटर जेट गिरे
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने दावा किया है कि कुवैत में उसके 3 फाइटर जेट गिर गए। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह घटना युद्ध के हालात में हुई, लेकिन सभी पायलट सुरक्षित हैं।
इजराइल के राजदूत रुवेन ने बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी इजराइल दौरे पर थे, तब उन्हें भी संभावित ऑपरेशन की जानकारी नहीं थी। इजराइली राजदूत के मुताबिक, ऑपरेशन को मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई थी और तब तक प्रधानमंत्री मोदी दौरा पूरा कर लौट चुके थे।
इस बीच भारत ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। देश में 760 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इंडिगो ने मंगलवार जद्दा से भारत के लिए 10 विशेष उड़ाने चलाएगा। वहीं दुबई हवाई अड्डे ने सीमित संख्या में उड़ानों का संचालन शुरू करने की बात कही है।
सऊदी की रिफाइनरी केंद्र अचानक बंद, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। सऊदी अरब के एक प्रमुख रिफाइनरी केंद्र को अचानक बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह केंद्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादन स्थलों में से एक है।
रिफाइनरी बंद होने की खबर सामने आते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ गया। एक ही दिन में कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। जानकारों का मानना है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है।
इधर, हमलों के बाद बढ़े तनाव के कारण जहाज मालिकों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसे वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है। लगातार बिगड़ते हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ती जा रही है।