स्टडी में खुलासा: बीपी और दर्द की दवाइयों से बढ़ रहा किडनी रोग का खतरा
संवाददाता
13 March 2026
अपडेटेड: 3:35 PM 0thGMT+0530
13 मार्च 2026
भोपाल। किडनी की बीमारी अक्सर धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है और कई बार मरीज को देर से इसका पता चलता है। एम्स भोपाल में किडनी प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों के अध्ययन में कई अहम कारण सामने आए हैं, जिनमें बीपी और दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन प्रमुख कारण माना गया है।
एम्स भोपाल में अब तक 18 किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। इन मरीजों की केस स्टडी के विश्लेषण में पाया गया कि लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाइयों का उपयोग किडनी खराब होने की बड़ी वजह बन रहा है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि किडनी की पथरी भी किडनी को नुकसान पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण कारण है। अध्ययन के अनुसार लगभग 40 प्रतिशत मरीजों में किडनी खराब होने की वजह प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी समस्याएं पाई गईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किसी कारण से किडनी की कोशिकाओं पर ही हमला करने लगती है, तो धीरे-धीरे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। ऐसे में समय पर जांच और सही इलाज बेहद जरूरी है, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।