लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बोले—संसद में नियम और मर्यादा सबसे ऊपर

khabar pradhan

संवाददाता

13 March 2026

अपडेटेड: 2:50 PM 0thGMT+0530

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बोले—संसद में नियम और मर्यादा सबसे ऊपर

13 मार्च 2026

नई दिल्ली l

नियमों से ऊपर नहीं कोई सांसद, संसद की गरिमा बनाए रखें: ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में स्पष्ट कहा कि नियमों से ऊपर कोई भी सांसद नहीं है और सभी को सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में हर सदस्य को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता संविधान और सदन के नियमों के दायरे में ही होनी चाहिए।

ओम बिरला ने कहा कि संसद देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में सदन में चर्चा और संवाद शालीनता, अनुशासन और संसदीय परंपराओं के अनुसार होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सदन में बहस के दौरान सभी सांसदों को एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए पक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा।

ओम बिरला ने कहा कि संसदीय नियमों और मर्यादाओं का पालन करना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है और जनता का संसद पर विश्वास भी बना रहता है।

माइक बंद करने के आरोपों पर लोकसभा अध्यक्ष ने दी सफाई

संसद में माइक बंद करने के आरोपों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पीठासीन अधिकारी के पास माइक चालू या बंद करने का कोई बटन नहीं होता। उन्होंने बताया कि सदन की व्यवस्था के अनुसार जिस सदस्य को बोलने की अनुमति दी जाती है, केवल उसी का माइक सक्रिय रहता है।

ओम बिरला ने कहा कि अध्यक्ष का आसन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, संविधान की भावना और संसद की गरिमा का प्रतीक है। इसलिए सदन में सभी सदस्यों को इन मूल्यों का सम्मान करते हुए आचरण करना चाहिए।

उन्होंने सदन में बढ़ते हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाओं पर चिंता जताई। बिरला ने कहा कि इस तरह का व्यवहार स्थापित संसदीय परंपराओं के खिलाफ है और इससे संसद की गरिमा प्रभावित होती है।

लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से अपील की कि वे नियमों और मर्यादाओं का पालन करते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करें, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा बनी रहे।

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