सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में तेजी, सज रही बाबा महाकाल की नगरी
संवाददाता
20 March 2026
अपडेटेड: 3:52 PM 0thGMT+0530
20 मार्च 2026
उज्जैन में 10 विभाग मिलकर कर रहे विकास कार्य
सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार उज्जैन अब केवल धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि वैश्विक आध्यात्मिक पहचान के रूप में उभर रहा है।
सिंहस्थ को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर काम कर रहे हैं। शहर में सड़क, पानी, बिजली, यातायात, आवास और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत अब तक 10 विभागों की कुल 128 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से 5,474 करोड़ रुपये सिंहस्थ मद से खर्च किए जाएंगे, जबकि 8,439.03 करोड़ रुपये अन्य विभागों और स्रोतों से जुटाए जाएंगे।
इनमें से 106 परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है। 15 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं और 7 परियोजनाएं प्रशासकीय स्वीकृति के चरण में हैं। इसके अलावा 22 नई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार कर उन्हें मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
662 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहर के विकास को नई दिशा देने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत की है। उन्होंने 662 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
इन परियोजनाओं में उज्जैन विकास प्राधिकरण की नगर विकास योजनाएं, सिंहस्थ से जुड़ी अधोसंरचना, और गीता भवन निर्माण जैसे प्रमुख कार्य शामिल हैं। इससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित होंगी।
नानाखेड़ा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 129 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। इससे पहले भी कई योजनाओं का भूमिपूजन किया जा चुका है, जो उज्जैन के समग्र विकास को गति दे रही हैं।
इन प्रयासों से उज्जैन के भविष्य को नई दिशा मिलने के साथ ही इसे एक आधुनिक और सुविधाजनक धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।