प्रदेश के 42 जिलों में तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान
संवाददाता
21 March 2026
अपडेटेड: 4:31 PM 0stGMT+0530
21 मार्च 2026
भोपाल।
आंधी पानी ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान:
मध्यप्रदेश के 42 जिलों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं और बारिश के साथ कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों पर गेहूं और चना जैसी फसलें अभी खेतों में ही खड़ी थीं, जबकि कुछ कटी हुई फसल भी पूरी तरह घर नहीं पहुंच पाई थी, ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए आफत बन गई।
गुरुवार-शुक्रवार की रात और शुक्रवार शाम हुई बारिश से शहरी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में यह बदलाव चिंता का कारण बन गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा धार जिले के बदनावर और बैतूल के घोड़ाडोंगरी में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह सहित कई क्षेत्रों में भी बारिश हुई।
मंदसौर, शिवपुरी, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर में ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि से किसानों की फसल को नुकसान:
बेमौसम बारिश होने से किसान एक बार फिर मुसीबत में है। खेतों में जो खड़ी फैसले पक कर तैयार थी। उनमें खासा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है । किसानों का कहना है कि इस बारिश से फसलों में नमी आ जाएगी । जिसके कारण उनको आर्थिक नुकसान होगा । क्योंकि इससे फसलों के दाम कम हो जाएंगे। कई खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है बे मौसम बारिश से गेहूं का कलर भी खराब हो सकता है गेहूं का कलर भी सफेद पड़ गया है । बारिश से खेतों में खड़ी हुई फसल आड़ी हो गई है । किसानों का कहना है कि मंडियों में ऐसी फसल से दाम कम मिलेगा।
बैतूल झाबुआ बड़वानी में ओले गिरे हैं। जिससे फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। धार में गेहूं ,केला, पपीता की फसल तबाह हो चुकी हैं। पांन्डुना में संतरे की फसल को नुकसान हुआ है । तो उमरिया में भी फसलों के नुकसान की खबर है । नर्मदा पुरम, बेतूल ,हरदा और नरसिंहपुर में बे मौसम बारिश होने से किसानों को आफत में डाल दिया है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन की एक्टिविटी की वजह से आज भी मध्य प्रदेश का मौसम बारिश वाला रहने वाला मौसम है। खासकर पूर्वी हिस्से के जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा। इसके बाद 26 मार्च को एक बार फिर यह सिस्टम एक्टिव होगा जिससे प्रदेश में एक बार फिर से बारिश हो सकती है। कुल मिलाकर पिछले 72 घंटे में मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है और किसानों की परेशानियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
यह मौसम भले ही आम लोगों के लिए खुशनुमा और सुहाना हो लेकिन किसानों की मेहनत पर पानी फेर देने वाला मौसम है।