ईरानी परमाणु संयंत्र पर हमला:ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकाने पर दागी दो मिसाइलें,:
संवाददाता
22 March 2026
अपडेटेड: 9:08 PM 0ndGMT+0530
22 मार्च 2026:
ईरान अमेरिका और इजरायल की जंग अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंचती जा रही है । अमेरिका और इजरायल की वायु सेवा ने ईरान के न्यूक्लियर हार्ट नतांध परमाणु संवर्धन केंद्र पर भीषण हमला किया। ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने इसे आपराधिक हमला करार दिया है । जबकि प्लांट से किसी भी रेडियोधर्मी रिसाव की खबर नहीं मिल रही है ।
ईरान ने की जवाबी कार्रवाई:
किंतु इसके कुछ ही घंटे के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और ऑपरेशन टू प्रॉमिस 4 में हिंद महासागर स्थित अमेरिका ब्रिटेन के एयर बेस डिएगो गार्सिया पर दो बैलिस्टिक मिसाइल दाग कर दुनिया को अचंभित कर दिया।
ईरान ने पहली बार 2000 किलोमीटर की रेंज लिमिट को तोड़कर 4000 किलोमीटर दूर प्रहार करने की क्षमता दिखाई।
ईरानी सेना ने दी चेतावनी:
ईरानी सेना ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल खाड़ी क्षेत्र में निजी और यात्री जहाजों को निशाना बना रहे हैं । तेहरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह हमला नहीं रुका तो वह एक ऐसा पलटवार करेंगे जिसकी दुनिया कल्पना भी नहीं कर सकेंगी।
इजराइल रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि आने वाले हफ्ते में ईरान पर हमलों की तीव्रता काफी अधिक बढ़ा दी जाएगी।
युद्ध से ईरान में महंगाई बढ़ी: कैश की समस्या से लोग घबरायें-
एटीएम पर लगी कतारें:
ईरान ने युद्ध और बढ़ती महंगाई के बीच एक करोड़ रियाल का सबसे बड़ा नोट जारी किया है। जिसकी कीमत करीब 7 डालर है। जंग के बीच लोग इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फेल होने के डर से एटीएम पर लंबी कतार में लगकर नगदी निकल रहे हैं । जबकि बैंकों में भी सीमित कैश मिल रहा है।
अमेरिका ने 5000 मरीन भेजें;
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 2003 के इराक युद्ध के बाद का सबसे बड़ा नौसैनिकों का जमावड़ा शुरू कर दिया है । ईरान का 90% तेल निर्यात नियंत्रित करने वाले खड़ग आयरलैंड की घेराबंदी के लिए अमेरिका ने एंफीबियंस मारक क्षमता खाड़ी की ओर भेजी है। 18 मार्च को USS बॉक्सर चला। इसमें भी ढाई हजार मरीन और 19 मार्च को USS त्रिपोली चला। इसमें भी ढाई हजार मरीन औरअत्यधिक लैंडिंग क्राफ्ट है। दोनों दस्ते 25 मार्च तक फारस की खाड़ी में अमेरिकी पोतों के साथ जुड़ेंगे। 14 मार्च को खार्ग में 90% ठिकाने हवाई हमले में तबाह हुए थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि उनके पास इस द्वीप के लिए विशेष योजना है । यदि 5000 मरीन इस द्वीप पर उतरे तो ईरान का पूरा राजस्व तंत्र ध्वस्त हो जाएगा।
हार्मुज खुलवाने के लिए बढ़ाया दबाव:
ऊर्जा संकट के बीच दुनिया सैन्य और आर्थिक मोर्चे पर एकजुट होने लगी है हार्मुज के मुद्दे पर 22 देशों ने ईरान पर दबाव बढ़ाया है । यूएई ,ब्रिटेन ,फ्रांस, जर्मनी और जापान सहित 22 देशों ने संयुक्त बयान में कहा कि ड्रोन मिसाइल हमले और बारूदी सुरंग से हार्मुज को बाधित करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान तुरंत हमले रोक कर समुद्री रास्ता खोले। इन्होंने कहा कि हार्मुज में सुरक्षित आवाजाही के लिए वह हर जरूरी प्रयास में योगदान को तैयार है । इस दिशा में पहले से जारी योगदान का स्वागत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के तहत खेल भंडार जारी करने और बाजार स्थिर रखने के उपायों पर भी सहमति बनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कि ईरानी राष्ट्रपति से बात:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की। मोदी ने क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की निंदा की। फ्रीडम आफ नेवीगेशन पर जोर देते हुए समुद्री रास्ते खोले और सुरक्षित रखने की मांग की । वही ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर हमले रोकने में ब्रिक्स भूमिका निभाये।