कैसे जाने शरीर में है आयरन की कमी:पहचान और दूर करने के उपाय:
संवाददाता
26 March 2026
अपडेटेड: 7:06 PM 0thGMT+0530
आयरन की कमी का शरीर ही देता है संकेत: लक्षण और उपाय:
26 मार्च 2026:
जब हमें अपने शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो, किसी भी काम में फोकस ना कर पा रहे हो, किसी काम में मन ना लगे,चिड़चिड़ापन हावी हो तो यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है।ये समस्याएं भले ही छोटी लगे, लेकिन शरीर पर इनका गहरा असर पड़ता है।
आयरन शरीर के लिए एक अत्यंत आवश्यक खनिज है, जो मुख्य रूप से हीमोग्लेोबिन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन लाल रका कोशिकाओं में पाया जाता है और यह फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने का काम कराड है। पर्याप्त आगमन होने पर शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहता है. दिमाग की कार्य प्रणाली बेहतर होती है। और प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत रहता है। वहीं, इसकी कमी होने पर शरीर को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्यों होती है आयरन की कमी:
सबसे सामान्य कारण है संतुलित आहार का अभाव। जिसमें आयरन युक्त खाद्य पदार्थों की कमी होती है। इसके अलावा महिलाओं में अत्यधिक मासिक स्त्राव ,गर्भावस्था के दौरान बढ़ी हुई जरूरत, बार-बार खून की कमी या पेट की समस्याओं के कारण आयरन का सही अवशोषण न हो पाना भी इसके कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में यह समस्या आनुवंशिक या लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के कारण भी होती है।
कमी का शरीर पर पड़ता है असर:
जब शरीर में आयरन की कमी होती है, तो खून में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसका असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ता है। व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है, चक्कर आते हैं, सांस फूलने लगती है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है।
इनके अलावा, लंबे समय तक कमी रहने पर मानसिक एकता भी कम हो जाती है और दैनिक कार्यों में रुचि घटने
लगती है। चेहरे का पीला पड़ना, सिरदर्द और बाल झड़ने समस्याएं भी हो सकती हैं। कुछ मामलों में नाखून कमजोर हो जाते हैं और व्यक्ति को ठंड ज्यादा लगने लगती है। बच्चों में यह समस्या उनके शारीरिक और मानसिक विराम को भी प्रभावित कर सकती है।
आयरन की कमी से होता है एनीमिया:
आयरन की कमी से एनीमिया भी हो सकता है। यह एक आम लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। एनीमिया होने पर व्यक्ति को अत्यधिक कमजोरी, पीली लाचा, चक्कर और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि इसका समय पर इलाजन किया जाए, तो यह शरीर के अन्य अंगों के कार्य पर भी असर डाल सकता है।
आयरन की कमी से किसको है खतरा:
महिलाओं में मासिक धर्म के कारण उखून की कमी होती रहती है, जिससे आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है। गभर्भावस्था के दौरान यह जरूरत और भी अधिक हो जाती है। बच्चों और किशोरों में तेजी से हो रही शारीरिक वृद्धि के कारण आयरने की मांग अधिक होती है।
ऐसे लोग, जिनका खानपान संतुलित नहीं है या जो लंबे समय में किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें भी जोखिम रहता है।
इनके सेवन से मिलेगा भरपूर आयरन:
मांसाहार में रेड मीट, कलेजी, मछली व अंडे अच्छे खोत हैं। साकाहार में चना, राजमा, लोबिया, सोयाबीन, तिल, दाल, हरी सब्जियां, कडू के बीज, गुड़, खजूर व किशमिश लें। रोज सुबह के नाश्ते में गुड़ या सूखे मेवे शामिल करें। सलाद में नींबू डालकर खाएं व प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
विटामिन-सी से मिलेगाअधिक लाभ:
आयरन का सही अवशोषण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उसका सेवन। विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे- नींबू, संतरा, आंवला, टमाटर और शिमला मिर्च, आयरन के अवशोषण को बढ़ाते हैं।
इसलिए आयरन युक्त आहार के साथ इनका सेवन करना फ़ायदेमंद होता है। वहीं, चाय और कॉफी में मौजूद टेनिन और कैफीन आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। इसलिए भोजन के तुरंत पहले या बाद में इन्हें न लें, कम से कम एक घंटे का अंतर रखें।