सिंहस्थ 2028 : उज्जैन में भव्य एयरपोर्ट के लिए 590 करोड़ रुपए कैबिनेट ने किए मंजूर.
संवाददाता
8 April 2026
अपडेटेड: 5:30 PM 0thGMT+0530
8 अप्रैल 2026
भोपाल।
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले को लेकर सरकार ने अभी से अपनी कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इनमें सबसे अहम उज्जैन में नया एयरपोर्ट बनाने और किसानों से दलहन की सरकारी खरीद को लेकर रही।
उज्जैन हवाई पट्टी का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया है कि उज्जैन की वर्तमान हवाई पट्टी को अब एक बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके विस्तार के लिए सरकार 437 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी। इस जमीन को खरीदने और अन्य शुरुआती कामों के लिए कैबिनेट ने 590 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया है।
बोइंग जैसे बड़े विमान भर सकेंगे उड़ान
सरकार का लक्ष्य है कि इस एयरपोर्ट को इतना आधुनिक और बड़ा बनाया जाए कि यहाँ बोइंग 320 जैसे बड़े एयरबस विमान भी आसानी से लैंड कर सकें। इसके लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच पहले ही समझौता हो चुका है। इससे न केवल सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि उज्जैन में पर्यटन और व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी
एयरपोर्ट के साथ-साथ कैबिनेट ने किसानों के हित में भी एक बड़ा फैसला सुनाया है। सरकार ने अगले तीन सालों तक किसानों से समर्थन मूल्य पर चना और मसूर खरीदने का फैसला किया है। इसमें चने के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर का शत-प्रतिशत उत्पादन सरकार खुद खरीदेगी। इसके लिए सरकार 3,174 करोड़ रुपये की निशुल्क गारंटी भी देगी। खास बात यह है कि इस खरीद पर किसानों से कोई मंडी शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
एससी वर्ग के छात्रों को मिलेगी ज्यादा मदद
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों को बड़ी राहत दी है। दिल्ली में रहकर पढ़ाई करने वाले एससी वर्ग के छात्रों को छात्रगृह योजना के तहत अब हर महीने 10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। पहले यह राशि सिर्फ 2 हजार रुपये थी। अब इसे बढ़ाकर एसटी वर्ग के छात्रों के बराबर कर दिया गया है। इससे करीब 100 नए छात्रों सहित पहले से पढ़ रहे विद्यार्थियों को फायदा होगा।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने यह भी साफ किया है कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भारत सरकार की उड़ान योजना के तहत इस एयरपोर्ट का विकास किया जा रहा है, जिससे उज्जैन सीधे बड़े शहरों से हवाई मार्ग के जरिए जुड़ जाएगा।