सावधान! कहीं आपके चेहरे पर तो नहीं चल रही किसी और की सिम? भोपाल में ‘ऑपरेशन फेस’ से बड़ा खुलासा
संवाददाता
8 April 2026
अपडेटेड: 4:14 PM 0thGMT+0530
8 अप्रैल 2026
भोपाल।
क्या आप जानते हैं कि आपकी एक फोटो का इस्तेमाल करके कोई दूसरा व्यक्ति सैकड़ों सिम कार्ड एक्टिवेट कर सकता है? सुनने में यह फिल्मी लग सकता है, लेकिन भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी ही चौंकाने वाली साजिश का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन फेस’ के जरिए दो ऐसे जालसाजों को दबोचा है, जिन्होंने एआई (AI) तकनीक को चकमा देकर एक ही चेहरे पर 246 फर्जी सिम कार्ड चालू कर दिए थे।
कैसे हुआ इस महा-फर्जीवाड़े का खुलासा?
भोपाल साइबर पुलिस ने जहांगीराबाद और इतवारा इलाके से दो शातिर एजेंटों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम देवेंद्र यादव (34 वर्ष, निवासी बरखेड़ी) और मोहम्मद सैफ कुरैशी (निवासी इतवारा रोड) हैं। देवेंद्र 10वीं पास सिम विक्रेता है, जबकि सैफ कुरैशी 12वीं पास पीओएस एजेंट के रूप में काम कर रहा था। इन दोनों ने ज्यादा कमीशन कमाने के चक्कर में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं।
ग्राहकों के दस्तावेजों का करते थे गलत इस्तेमाल
जांच में पता चला कि ये आरोपी अपनी दुकान पर आने वाले सीधे-साधे ग्राहकों के पहचान पत्रों (ID Proof) की फोटोकॉपी चुपके से अपने पास रख लेते थे। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फॉर्म भरते थे और एआई तकनीक को धोखा देकर एक ही व्यक्ति के चेहरे के डेटा का इस्तेमाल कर कई-कई सिम एक्टिवेट कर देते थे। यह खेल तब और तेज हुआ जब दूरसंचार कंपनियों के विलय (Merger) के दौरान इन्हें टारगेट पूरा करने और मोटा कमीशन मिलने का लालच मिला।
साइबर अपराध के लिए बेची जा रही थीं सिम
पुलिस को अंदेशा है कि इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाना था। फर्जी सिम होने के कारण अपराधी पकड़े नहीं जाते और पुलिस निर्दोष ग्राहकों के घर पहुँच जाती है जिनके नाम पर वो सिम होती है।
पुलिस की आम जनता को सलाह: सतर्क रहें
भोपाल पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है:
1. फोटो के लिए दबाव पर रहें अलर्ट: अगर सिम खरीदते समय विक्रेता आपसे बार-बार फोटो खींचने या प्रक्रिया दोहराने को कहे, तो सावधान हो जाएं। वह आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल कर सकता है।
2. दस्तावेजों का ध्यान रखें: अपनी आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी हर किसी को न दें और उस पर उद्देश्य (जैसे- ‘For SIM activation only’) जरूर लिखें।
3. ऑनलाइन जांचें अपने नाम की सिम: आपके नाम पर कितनी सिम चल रही हैं, यह आप खुद चेक कर सकते हैं। इसके लिए दूरसंचार विभाग के आधिकारिक पोर्टल sancharsaathi.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें। यदि कोई अनजान नंबर आपके नाम पर दिखे, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट करें।
भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच अब इस मामले में यह पता लगा रही है कि इन 246 सिमों को किन-किन लोगों को बेचा गया और इनका इस्तेमाल कहां-कहां हुआ है।