अचानकमार टाइगर रिजर्व के गांव पहुंचा सचिन तेंदुलकर का परिवार, स्वास्थ्य और कुपोषण के कार्यों का लिया जायजा

khabar pradhan

संवाददाता

9 April 2026

अपडेटेड: 3:18 PM 0thGMT+0530

अचानकमार टाइगर रिजर्व के गांव पहुंचा सचिन तेंदुलकर का परिवार, स्वास्थ्य और कुपोषण के कार्यों का लिया जायजा

9 अप्रैल 2026
बिलासपुर:
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का परिवार  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर दौरे पहुंचा। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के कामों को देखने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने के लिए उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर,  और बहू सानिया chandok और उनकी टीम के सदस्य यहाँ पहुंचे हैं।

तेंदुलकर परिवार मंगलवार शाम बिलासपुर पहुंचा और बुधवार सुबह वे गनियारी स्थित ‘जन स्वास्थ्य सहयोग केंद्र’ गए। यहाँ अंजलि तेंदुलकर और सारा ने केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ से मुलाकात की। उन्होंने इलाके में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों के इलाज और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। अंजलि तेंदुलकर खुद एक डॉक्टर हैं, इसलिए उन्होंने बारीकियों से स्वास्थ्य सेवाओं को समझा।

टाइगर रिजर्व के गांव में बिताया वक्त
अस्पताल के दौरे के बाद तेंदुलकर परिवार अचानकमार टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित ग्राम छपरवा पहुंचा। यहाँ का माहौल एकदम सादा और ग्रामीण था, जिसमें सारा और अंजलि पूरी तरह घुल-मिल गईं। उन्होंने गांव के छोटे बच्चों के साथ वक्त बिताया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और रहन-सहन को जाना। सारा तेंदुलकर ने गांव में एक नवजात शिशु को गोद में लेकर दुलार भी किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

फाउंडेशन की टीम विशेष रूप से उन क्षेत्रों का दौरा कर रही है जहाँ कुपोषण के खिलाफ काम किया जा रहा है। जन स्वास्थ्य सहयोग के को-फाउंडर डॉ. रमन कटारिया ने बताया कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की मदद से उन गांवों में स्वास्थ्य शिविर और कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जहाँ पहुंचना मुश्किल होता है। वर्तमान में कम उम्र के बच्चों के लिए ‘पालना’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिससे एक हजार से ज्यादा बच्चों को सीधा फायदा मिल रहा है।
रायपुर से मुंबई के लिए रवाना

तेंदुलकर परिवार बिलासपुर से सीधे रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया। रायपुर पहुंचकर उन्होंने मुंबई की फ्लाइट ली। इस निजी दौरे के दौरान तेंदुलकर परिवार ने जिस सादगी से ग्रामीणों और बच्चों के साथ समय बिताया, उसने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया।

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