हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर से अमेरिका का बेहद कीमती ड्रोन लापता, क्या ईरान ने मार गिराया?

khabar pradhan

संवाददाता

11 April 2026

अपडेटेड: 3:50 PM 0thGMT+0530

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर से अमेरिका का बेहद कीमती ड्रोन लापता, क्या ईरान ने मार गिराया?

11 अप्रैल 2026


मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन, एमक्यू-4सी ट्राइटन (MQ-4C Triton), शुक्रवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक लापता हो गया। गायब होने से ठीक पहले ड्रोन ने आपातकालीन चेतावनी (Emergency Warning) जारी की थी।

कैसे गायब हुआ करोड़ों का ड्रोन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन फारस की खाड़ी और हॉर्मुज क्षेत्र में करीब तीन घंटे से निगरानी कर रहा था। काम पूरा करने के बाद यह इटली में स्थित अमेरिकी नौसेना के बेस की ओर लौट रहा था। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ्लाइटराडर24’ के डेटा से पता चला है कि ड्रोन ने कोड 7700 (जो सामान्य आपातकाल का संकेत है) भेजा और फिर अचानक ईरान की सीमा की ओर मुड़ गया। गायब होने से ठीक पहले इसे तेजी से नीचे उतरते हुए देखा गया।

हादसा या हमला?
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ड्रोन किसी तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ है या फिर उसे मार गिराया गया है। यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दो दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर कुछ सहमति बनती दिख रही थी। इस ड्रोन की कीमत 20 करोड़ डॉलर (करीब 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा) बताई जाती है।

कितना ताकतवर है एमक्यू-4सी ट्राइटन ड्रोन?
यह कोई मामूली ड्रोन नहीं है, बल्कि अमेरिकी नौसेना की ‘आंख’ माना जाता है। इसकी कुछ खास खूबियां इस प्रकार हैं:
यह समुद्री रास्तों पर लंबे समय तक रणनीतिक नजर रखने के लिए बनाया गया है।
यह अकेला ऐसा ऑटोनॉमस विमान है जो 50 हजार फीट की ऊंचाई पर लगातार 24 घंटे से ज्यादा समय तक उड़ सकता है।
इसकी रेंज लगभग 7,400 समुद्री मील है, जो इसे लंबी दूरी के मिशन के लिए बेहद सटीक बनाती है।

बढ़ सकता है अंतरराष्ट्रीय तनाव
ड्रोन के गायब होने की यह टाइमिंग बहुत संवेदनशील है। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने इसे खाड़ी क्षेत्र में विशेष निगरानी के लिए तैनात किया था। यदि जांच में यह सामने आता है कि ड्रोन को ईरान ने निशाना बनाया है, तो शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है और क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग फिलहाल इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है।

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