12 अप्रैल 2026
भोपाल:

मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अर्चना चिटनीस ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को देश के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। शनिवार को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक नया कानून नहीं है, बल्कि सदियों से अपने हक का इंतजार कर रही देश की करोड़ों बेटियों के सम्मान का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया बेटियों का सपना
अर्चना चिटनीस ने कहा कि सालों से भारत की बेटियां संसद और विधानसभाओं में अपनी उचित भागीदारी का इंतजार कर रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कानून को धरातल पर उतारकर उस इंतजार को खत्म कर दिया है। अब महिलाएं राजनीति में केवल भागीदार नहीं होंगी, बल्कि वे नीति-निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में रहकर देश के भविष्य के बड़े फैसले खुद लेंगी।
विपक्ष पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। चिटनीस ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी महिलाओं को आरक्षण दिलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के कारण उस समय बिल पास नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर देश की आंखों में धूल झोंकने का काम किया और इसे केवल चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा बनाए रखा, लेकिन कभी इसे लागू करने की नीयत नहीं दिखाई।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस कानून को लागू करने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाई है। यही कारण है कि 16, 17 और 18 अप्रैल को देश की संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह अधिनियम महिलाओं को वह राजनैतिक सामर्थ्य देगा जिससे वे समाज में बदलाव की नई इबारत लिख सकेंगी। अर्चना चिटनीस के अनुसार, यह कानून उस मानसिकता को खत्म करेगा जो महिलाओं को केवल वोट बैंक समझती थी। अब महिलाएं सशक्त होकर देश के विकास में बराबरी का योगदान देंगी।