4 मई 2026
नई दिल्ली:
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भारी तनाव और समुद्र में लगी पाबंदियों के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारत से जुड़ा एक विशाल एलपीजी टैंकर ‘सर्व शक्ति’ सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने में कामयाब रहा है। इस रास्ते पर सख्त घेराबंदी और तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग न के बराबर हो गई है, ऐसे में इस टैंकर का वहां से निकलना एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
बेहद संवेदनशील रास्ते से सुरक्षित निकला जहाज
‘सर्व शक्ति’ नाम का यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के नीचे काम करता है और इसमें भारतीय क्रू (चालक दल) मौजूद है। यह जहाज करीब 45,000 टन एलपीजी लेकर ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ा है। अपनी यात्रा के दौरान यह टैंकर ईरान के ‘लार्क’ और ‘कैश्म’ द्वीपों के बेहद करीब से गुजरा। ये इलाके सुरक्षा के लिहाज से बहुत ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं क्योंकि यहाँ अक्सर सैन्य तनाव बना रहता है।
क्या है इसकी खासियत और क्यों है यह जरूरी?
यह जहाज कोई साधारण टैंकर नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा गैस वाहक है। इस घटनाक्रम से जुड़ी कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:
* खरीदार की पहचान: शिपिंग दस्तावेजों के अनुसार, इस गैस खेप की खरीदार भारत की सरकारी कंपनी ‘इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन’ (IOC) है।
* भारतीय चालक दल: जहाज पर भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं, जो इसे सुरक्षित रूप से भारतीय बंदरगाह की ओर ले जा रहे हैं।
* पहली पुष्टि: नाकेबंदी शुरू होने के बाद से यह भारत से जुड़े किसी टैंकर की पहली ऐसी यात्रा है जिसकी पुष्टि हुई है।
भारत के लिए क्यों है यह बड़ी खबर?
यह खबर ऐसे समय में आई है जब भारत में एलपीजी की सप्लाई को लेकर काफी चुनौतियां देखी जा रही हैं।
1. घरेलू किल्लत: देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी के कारण लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। ऐसे में 45,000 टन गैस की यह खेप बाजार को बड़ी राहत देगी।
2. वैश्विक स्थिति: भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता है। सप्लाई चेन में जरा सी भी रुकावट देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर सीधा असर डालती है।
ईरान और अमेरिका के संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग से जहाजों का निकलना बंद होने के कगार पर था, लेकिन ‘सर्व शक्ति’ के सुरक्षित निकलने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक उम्मीद जगी है। फिलहाल भारतीय अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां इस मार्ग से आने वाले अन्य जहाजों की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं।


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