4 मई 2026
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह:

भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी तकनीकी क्षमता और साहस का लोहा मनवाया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नीले समंदर की गहराई में भारत का विशाल तिरंगा लहराकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया है। यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का सबसे बड़ा क्षण है।
223 गोताखोरों की टीम ने रचा इतिहास
इस बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण मिशन को अंजाम देने के लिए भारतीय नौसेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के कुल 223 गोताखोरों ने मिलकर काम किया।
इस मिशन की कुछ मुख्य बातें:
*समंदर के भीतर जो तिरंगा फहराया गया, उसकी लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है।
*यह विशाल ध्वज कुल 2400 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
*इस गौरवशाली पल को अंडमान के प्रसिद्ध ‘स्वराज द्वीप’ के राधानगर बीच पर अंजाम दिया गया।

पानी के भीतर का सबसे बड़ा ‘राष्ट्रीय ध्वज’
आमतौर पर हम तिरंगे को ऊंचे पहाड़ों या ऊंची इमारतों पर लहराते देखते हैं, लेकिन समंदर की गहराइयों में इतने बड़े आकार का झंडा फहराना दुनिया में पहली बार हुआ है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा पानी के भीतर फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार किया है।
क्यों खास था यह मिशन?
पानी के नीचे इतने विशाल तिरंगे को संभालना और उसे सही तरीके से फहराना कोई आसान काम नहीं था।
इतनी बड़ी संरचना को पानी के दबाव के बीच स्थिर रखना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे विशेष तकनीक और गोताखोरों के शानदार तालमेल से संभव बनाया गया।
यह मिशन भारत के जांबाज गोताखोरों के साहस और उनके जज्बे को दर्शाता है।
देश के गौरव का नया अध्याय
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत न केवल नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि गहराइयों में भी अपनी छाप छोड़ रहा है। यह तिरंगा सटीकता, साहस और राष्ट्रीय गौरव का एक सशक्त प्रदर्शन है। राधानगर बीच पर मौजूद लोगों और पर्यटकों के लिए यह एक जादुई दृश्य था, जिसने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।