8 मई 2026
बीजिंग:
चीन की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, वेई फेंग और ली शांगफू को मौत की सजा सुनाई है। चीन की सैन्य अदालत ने इन दोनों नेताओं को रिश्वत लेने और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाया है। इस फैसले ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है क्योंकि दोनों ही नेता राष्ट्रपति शी चिनफिंग के करीबी माने जाते थे।
दो साल बाद दी जाएगी सजा
अदालत के आदेश के मुताबिक, इन दोनों को फिलहाल जेल में रखा जाएगा और मौत की सजा पर अमल दो साल बाद किया जाएगा। इस दौरान उनके सभी राजनीतिक अधिकार खत्म कर दिए गए हैं और उनकी पूरी संपत्ति को भी सरकारी खजाने में जब्त कर लिया जाएगा। वेई फेंग पर रिश्वत लेने का आरोप सिद्ध हुआ है, वहीं ली शांगफू को रिश्वत लेने के साथ-साथ रिश्वत देने की कोशिश का भी दोषी पाया गया है।
रॉकेट फोर्स से रहा है खास कनेक्शन
ये दोनों ही नेता चीन की सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) की सबसे महत्वपूर्ण यूनिट ‘रॉकेट फोर्स’ के प्रमुख रह चुके हैं। रॉकेट फोर्स चीन की मिसाइल शक्ति की देखरेख करती है। वेई फेंग 2018 से 2023 तक रक्षा मंत्री रहे थे, जबकि ली शांगफू ने उनके बाद इस पद को संभाला था। राष्ट्रपति शी चिनफिंग के कार्यकाल के दौरान ही इन दोनों को सेना के ऊंचे पदों पर बिठाया गया था, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते इन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग से भी बाहर कर दिया गया।
अचानक गायब होने से शुरू हुआ था विवाद
इन दोनों मंत्रियों का मामला तब चर्चा में आया था जब रक्षा मंत्री रहते हुए वेई फेंग अचानक लापता हो गए थे। लंबे समय तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके बाद उनकी बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार को लेकर अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह सख्त कदम उठाया है।
सेना के भीतर बड़ा संदेश
जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी सजा देकर चीन की सरकार ने अपनी सेना और अधिकारियों को यह सख्त संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न बैठा हो।


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