17 मई 2026 :
खबर प्रधान डेस्क:
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया। CJI सूर्यकांत मध्य प्रदेश जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में देश में न्याय प्रक्रिया में सुधार हेतु एक कार्यक्रम में बोल रहे थे ।
इस दौरान उन्होंने हाई कोर्ट के नए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी को तुरंत राहत देने के लिए न्याय प्रणाली को उन अस्पतालों की तरह काम करने की जरूरत है, जो 24 घंटे खुले रहते हैं। तभी आम आदमी को न्याय मिलेगा और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा।
समय है कीमती और आम आदमी को न्याय मिलने में हो रही देरी:
CJI सूर्यकांत ने कहा न्याय की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, न्याय का दायरा बढ़ाने के लिए इसमें तेजी लाने की जरूरत है। इसके लिए टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका केवल 1990 के दशक से चली आ रही ढांचे पर चल रही हैं। उन्होंने कहा कि जैसे अमरकंटक से निकलने वाली छोटी सी नदी नर्मदा को कई छोटी नदियां मिलकर विशाल बना देती हैं । इसी तरह न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े 6 सॉफ्टवेयर का लोकार्पण न्याय व्यवस्थाएं बड़े सुधार के रूप में दिख रहा है । अस्पतालों की तरह न्यायिक व्यवस्था भी तकनीकी होनी चाहिए। एक ही जगह पर सभी जरूरी जानकारी मिल सके तो न्याय प्रक्रिया में तेजी आ सकती है ।
न्यायिक प्रक्रिया को डिजिटल सुधार की आवश्यकता:
आगे उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में न्यायिक प्रक्रिया में हुए डिजिटल सुधारों पर पूरे देश की नजर है । इन सुधारों को पूरे देश में लागू करने का प्रयास किया जाएगा । सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि मध्य प्रदेश में ही कई ऐसे स्थान है, जहां लोग तकनीकी रूप से साक्षर नहीं है । ऐसे लोगों के मन में न्याय व्यवस्था की नई तकनीक पर विश्वास जमाना बड़ी चुनौती होगा। उन्होंने दृष्टि और श्रवण बाधितों की विधिक सहायता के लिए बनाए गए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के ‘संकेत’ ऐप समेत डिजिटल न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े अन्य सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया।
वह हाई कोर्ट के फ्रेगमेंटेशन तो फ्यूजन एंपावरिंग जस्टिस वा यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन( fragmentation to fusion -’empowering justice via United digital platform integration’) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोल रहे थे।
उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों समेत हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और अन्य जज और वकील मौजूद थे । इसके बाद CJI ने महाधिवक्ता कार्यालय के संयोजन में digital transformation advancing paperless legal system (डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्टम) विषय पर व्याख्यान दिया।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि यह दुनिया में अपनी तरह का पहला नवाचार है। इससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी हाई कोर्ट के इस कदम की प्रशंसा की है।


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