26 मई 2026
भोपाल:
जनता के 5 करोड़ डूबे! भोपाल में स्मार्ट सिटी साइकिल प्रोजेक्ट हुआ कबाड़
भोपाल में पर्यावरण को बेहतर बनाने और लोगों को सेहतमंद रखने के लिए शुरू की गई स्मार्ट सिटी साइकिल योजना अब पूरी तरह से ठप हो चुकी है। नर्मदापुरम रोड पर आरआरएल तिराहे से मिसरोद तक बनाया गया 12 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक पूरी तरह से उखड़ चुका है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। रखरखाव की भारी कमी के कारण जनता के करोड़ों रुपए पानी में बह गए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी कोई चिंता नहीं है। इस बर्बादी को देखकर शहर के लोग काफी दुखी हैं।
नर्मदापुरम रोड के दोनों तरफ बने इस ट्रैक की हालत यह है कि करीब 8 किलोमीटर के हिस्से में ब्लॉक पूरी तरह टूट-फूट चुके हैं। साल 2016 में नगर निगम ने पर्यावरण-मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने के लिए करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत से इस ट्रैक को तैयार किया था। इसके बाद करीब 5 करोड़ रुपये खर्च करके 500 स्मार्ट साइकिलें खरीदी गई थीं, जो अब देखरेख के अभाव में कबाड़ बन चुकी हैं।
निजी एजेंसी की लापरवाही और बंद हुआ ऐप
इस पूरे प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पीपीपी मॉडल पर एक निजी एजेंसी को दी गई थी। लेकिन उस एजेंसी ने न तो समय पर इसका मेंटेनेंस किया और न ही खराब साइकिलों को ठीक कराया। आम नागरिकों के लिए करीब आधा दर्जन साइकिल स्टैंड बनाए गए थे, जहां से लोग एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए साइकिल किराए पर ले सकते थे। मगर अब इस ऐप का कोई अता-पता नहीं है और ट्रैक जर्जर होने की वजह से लोगों ने साइकिल चलाने में रुचि लेना बंद कर दिया है।
असामाजिक तत्वों ने चुरा लीं साइकिलें
शुरुआत में हर स्टैंड पर 20 साइकिलें खड़ी करने की व्यवस्था थी, लेकिन अब कई जगह सिर्फ खाली स्टैंड बचे हैं। कुछ स्टैंड्स को तोड़कर असामाजिक तत्वों ने ई-साइकिलें ही गायब कर दी हैं। बची हुई साइकिलों के टायर पिचक चुके हैं और उनकी चेन जाम हो चुकी है। खास बात यह है कि ये सभी साइकिलें जीपीएस से लैस थीं, लेकिन आज न तो कहीं जीपीएस का पता है और न ही साइकिलें नजर आ रही हैं। नगर निगम ने यह योजना न्यू मार्केट, एमपी नगर और नर्मदापुरम रोड जैसे मुख्य इलाकों में शुरू की थी, लेकिन आज हर जगह सन्नाटा है।
लाखों रुपये फूंकने के बाद भी नहीं सुधरे हालात
हैरानी की बात यह है कि साल 2023 में इस ट्रैक की सफाई और मेंटेनेंस के लिए एक बार फिर 35 लाख रुपये का ठेका दिया गया था। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पहले इस ट्रैक पर सुबह 6 से 11 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक महिलाएं, युवा और सीनियर सिटीजन साइकिल चलाया करते थे, लेकिन अब ट्रैक की बदहाली के कारण लोग इस पर साइकिल चलाने के बजाय पैदल चलना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।
इस मामले पर क्या है जनप्रतिनिधियों का कहना:
मालती राय (महापौर, नगर निगम भोपाल) का कहना है कि यह नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी योजना है। ट्रैक और साइकिलों की इस स्थिति को लेकर स्मार्ट सिटी के सीईओ से बातचीत की जाएगी और तकनीकी समस्याओं को दूर करके इसे जल्द ही दोबारा शुरू किया जाएगा।
किरण सूर्यवंशी (अध्यक्ष, नगर निगम) ने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत ये साइकिलें जनता की सुविधा के लिए लाई गई थीं। इस संबंध में संबंधित एजेंसी और स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश देकर योजना का लाभ फिर से जनता को दिलाया जाएगा।
शबिस्ता जकी (नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम भोपाल) ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी साइकिल योजना पूरी तरह फेल हो चुकी है। इसमें केवल जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ है और यह योजना शुरू से ही जनता की गाढ़ी कमाई को बर्बाद कर रही है।


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