26 मई 2026
नई दिल्ली:
देश की सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा आधुनिक बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बड़े दौरे पर निकले हैं। सोमवार रात से शुरू हुआ यह दौरा केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बदलते सुरक्षा हालात और अवैध घुसपैठ जैसी बड़ी चुनौतियों के बीच सरकार का मुख्य फोकस अब सीमा प्रबंधन को हाईटेक और प्रभावी बनाने पर है। अपने इस दौरे के दौरान गृह मंत्री अलग-अलग राज्यों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था, एजेंसियों के आपसी तालमेल और जवानों की जरूरतों की समीक्षा करेंगे।
इन राज्यों का दौरा करेंगे गृह मंत्री, जवानों से सीधा संवाद
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमित शाह अपने इस मिशन के तहत राजस्थान, गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्यों का दौरा करने वाले हैं। इस यात्रा की शुरुआत राजस्थान के बीकानेर से हुई है, जहां गृह मंत्री 25 मई की रात को ही पहुंच गए थे। इसके बाद वह भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र का जमीनी निरीक्षण करेंगे और वहां तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से सीधे बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाएंगे।
भारत -पाक सीमा पर सांचू बॉर्डर पोस्ट का दौरा
आज 26 मई को अमित शाह भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बेहद महत्वपूर्ण सांचू बॉर्डर पोस्ट का दौरा करेंगे। यहाँ वह बीएसएफ के जवानों से मुलाकात करेंगे और सीमावर्ती इलाकों की वास्तविक जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात जवानों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दौरान जवानों के लिए कुछ नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है। सरकार का मानना है कि यदि सुरक्षाकर्मियों को बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलेंगी, तो उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता भी मजबूत होगी।
बीकानेर में होगी उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक
बीकानेर प्रवास के दौरान अमित शाह एक बड़ी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। इस हाई-लेवल मीटिंग में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के प्रतिनिधि, बीएसएफ के आला अफसर और सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में मुख्य रूप से सीमा पार से होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, तस्करी, और ड्रोन के जरिए हथियारों व नशीले पदार्थों की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होगी। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल और खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने पर भी बात होगी। सरकार सीमा क्षेत्रों में तकनीकी निगरानी को बढ़ावा देना चाहती है ताकि सुरक्षा चक्र को पूरी तरह अभेद्य बनाया जा सके।
29 मई को कच्छ की चौकियों का निरीक्षण, 5 जून को त्रिपुरा का दौरा
राजस्थान के बाद गृह मंत्री 29 मई को गुजरात के भुज जाएंगे। यहाँ वह कच्छ क्षेत्र की बेहद संवेदनशील सीमा चौकियों का निरीक्षण करेंगे। गुजरात की समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिहाज से यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके ठीक बाद 5 जून को अमित शाह त्रिपुरा पहुंचेंगे, जहां वह भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। पूर्वोत्तर राज्यों में अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और सीमा पार से होने वाले अपराध लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिए गृह मंत्रालय सख्त रणनीति तैयार कर रहा है।


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