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26 मई 2026

नई दिल्ली:
राष्ट्रपति भवन में सोमवार को आयोजित एक भव्य समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कला, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस बार के पुरस्कारों में भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा गया। धर्मेंद्र की ओर से उनकी पत्नी और प्रसिद्ध अभिनेत्री-सांसद हेमा मालिनी ने यह सर्वोच्च सम्मान ग्रहण किया।
धर्मेंद्र के अलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज केटी थॉमस, कम्युनिस्ट नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन समेत कुल 5 बड़ी हस्तियों को पद्म विभूषण देने की घोषणा की गई है।

इन हस्तियों को मिला पद्म भूषण
समारोह में देश की कई अन्य जानी-मानी शख्सियतों को पद्म भूषण सम्मान दिया गया। इनमें मशहूर गायिका अलका याग्निक, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी समेत कुल 13 हस्तियों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही अभिनेता आर माधवन, क्रिकेटर रोहित शर्मा, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया समेत कुल 113 हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है।

पद्मश्री 2026: मध्य प्रदेश के इन चार सपूतों का बढ़ा मान
इस वर्ष पद्मश्री पुरस्कारों में मध्य प्रदेश का भी गौरव बढ़ा है। राज्य की चार ऐसी विभूतियों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, जिन्होंने जमीन पर रहकर समाज को बदलने का काम किया है:
कैलाश चंद्र पंत: हिंदी विचारधारा के प्रहरी
भोपाल के रहने वाले कैलाश चंद्र पंत को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए पद्मश्री दिया गया है। उन्होंने सुधारवादी विचारधारा से प्रेरित होकर पत्रकारिता को अपने जीवन का मिशन बनाया। साप्ताहिक पत्रिका जनधर्म का संपादन करके उन्होंने आधुनिक हिंदी पत्रकारिता को एक नई दिशा देने का काम किया।
मोहन नगर: बैतूल के जल पुरुष
बैतूल के मोहन नगर को उनके सामाजिक कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह सम्मान मिला है। उन्हें इलाके में जल पुरुष के नाम से जाना जाता है। उन्होंने सालों तक जल संवर्धन, भूजल पुनर्भरण और प्राचीन बावड़ियों के पुनरुद्धार जैसे अभियानों पर काम किया है। गंगा अवतरण अभियान चलाकर उन्होंने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों को पानी बचाने के लिए एकजुट किया।
डॉक्टर नारायण व्यास: पुरातत्व में बड़ा योगदान
डॉक्टर नारायण व्यास को पुरातत्व के क्षेत्र में करीब चार दशकों तक दिए गए उनके अहम योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उन्होंने देश में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई और खोज का कार्य किया है। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को पुरातत्व के संरक्षण का प्रशिक्षण दिया और करीब 10 पुस्तकें लिखकर युवाओं को इतिहास व पुरातत्व के प्रति जागरूक किया।
भगवानदास रैकवार: बुंदेली मल्लखंब को जिलाया दोबारा
सागर के ऐतिहासिक झंडा चौक बुंदेला अखाड़ा में भगवानदास रैकवार ने विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके पारंपरिक बुंदेली मल्लखंब खेल को पुनर्जीवित करने का अद्भुत काम किया। उनके प्रयास और कड़ी ट्रेनिंग की वजह से ही मल्लखंब के इस खेल ने फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की धाक जमाई है और अपनी एक अलग पहचान बनाई है।


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