23 जून 2026:
मध्य प्रदेश /भोपाल/
भोपाल का ईरानी गैंग जो सड़कों पर खौफ पैदा करना ,लूट और मारपीट की वारदातों में शामिल रहना, इनका मुख्य काम रहता था। ईरानी गैंग के सदस्य बॉलीवुड फिल्म धूम की तर्ज पर स्पोर्ट्स बाइक से रेकी करते थे और फिर लोगों से मोबाइल और चेन झपट लेते थे । पुलिस ने ईरानी गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 22 मोबाइल और चोरी की चार बाइक बरामद की है। जानकारी के अनुसार ईरानी गैंग के गिरोह का सरगना अभी फरार बताया गया है।
दो स्पोर्ट्स बाइक से करते थे वारदात:
यह गैंग हमेशा शाम को अंधेरा होने के समय अक्सर दो स्पोर्ट्स बाइक पर निकलते थे और रात 10:00 बजे तक करीब 6 थाना क्षेत्र का चक्कर लगाकर रेकी करते। ये ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे जो राह चलते या तो मोबाइल पर बात कर रहे होते थे या फिर मोबाइल की स्क्रीन पर व्यस्त रहते थे । यदि यह लूट की वारदातों में नाकाम नहीं हो पाते तो चाकू बाजी अड़ीबाजी कर वारदातों को अंजाम देते थे।
भोपाल के अयोध्या थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने ईरानी गैंग के चार सदस्य साहिल खान, फैजान पठान, समीर अंसारी और तालिब खान को गिरफ्तार किया है यह निशातपुरा और ईटखेड़ी निवासी हैं । यह चारों ईरानी डेरा में रहकर वारदात को अंजाम देते थे ईरानी गैंग के मास्टरमाइंड सफदर अली ईरानी और उसके साथी की तलाश जारी है।
कैसे करते थे वारदात:
यह आरोपी गैंग के दो लोग स्पोर्ट्स बाइक पर निकलते थे। एक बाइक पर बैठा हुआ आरोपी मोबाइल झपटता था और दूसरी बाइक बैकअप के रूप में पीछे चलती थी। यदि कोई व्यक्ति मोबाइल छोड़ने का विरोध करता या लूट में यह सफल नहीं हो पाते तो छुरी निकाल कर, डरा कर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
लूट के नेटवर्क का कैसे हुआ खुलासा:
थाना प्रभारी ने बताया कि 11 जून को नरेला जोड़ के पास मोबाइल लूट की एक घटना हुई । जिसमें जांच के दौरान पता चला कि अयोध्या नगर, पिपलानी ,गोविंदपुरा ,हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला जमालपुरा क्षेत्र में मोबाइल लूट और चोरी की करीब 12 वारदातें हुई है।
पुलिस में मुख्य आरोपियों को पकड़ने गई तो आरोपी फरार हो गए।
गिरफ्तार किए गए यह चारों आरोपीयों पर पहले भी चोरी मारपीट सहित कई और करीब सभी पर 10 से 12 अपराध दर्ज किया जा चुके हैं देंगे के मास्टरमाइंड सफदर ईरानी और उसकी साथी की पुलिस तलाश कर रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया वारदात को अंजाम देने के लिए वे स्पोर्ट्स बाइक का इस्तेमाल करते थे और पुलिस से बचने के लिए बाइक का असली नंबर प्लेट निकालकर फर्जी नंबर की प्लेट लगा देते थे। जिसमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान नहीं हो पाती थी। इसके अलावा आरोपियों ने यह भी बताया कि लूटा गया सभी माल ईरानी डेरा निवासी गैंग के सरगना सफदर अली ईरानी खरीदता था । लूटे गए करीब 12 मोबाइल लेकर वह सफदर के पास ही जाते थे ।जो मोबाइल को खपाने का इंतजाम करता था और दो-तीन दिन में वह रकम का हिसाब दे देता था। एक मोबाइल के बदले गैंग को तीन से चार हजार मिलते थे।
पुलिस को मुख्य आरोपी गैंग का मास्टरमाइंड सफदर ईरानी और उसकी साथी की तलाश है। जिसके लिए पुलिस की विशेष टीम दबिश दे रही है।


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