जयपुर, जोधपुर और कोटा में एक-एक होंगे नगर निगम

khabar pradhan

संवाददाता

29 March 2025

अपडेटेड: 1:12 PM 0thGMT+0530

इन शहरों के प्रशासन में होगा बदलाव

इन शहरों के प्रशासन में होगा बदलाव

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा में पहले के दो नगर निगम के फैसले को बदलते हुए एक बार फिर एक निगम करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही आगामी चुनाव से ये परिवर्तन भी लागू होंगे, वही जिससे नगर निगमों की संख्या घटकर 10 हो जाएगी।

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का एक बड़ा फैसला बदल दिया गया है। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा शहरों में दो दो नगर निगम कर दिए थे। वही मौजूदा सरकार ने इस फैसले को बदलते हुए अब फिर से जयपुर, जोधपुर और कोटा में एक एक नगर निगम करने का निर्णय किया है। साथ ही इस संबंध में स्वायत्त शासन विभाग ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। मौजूदा नगर निगम का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए आदेश लागू होंगे। यानी अगली बार के लिए होने वाले चुनाव पूर्व की भांति 1-1 नगर निगम के हिसाब से ही होंगे

अब तक राजस्थान में 13 नगर निगम हुआ करते थे। वही अगली बार से नगर निगमों की संख्या घटकर 10 हो जाएगी। जयपुर, जोधपुर और कोटा शहर से एक एक नगर निगम कम होने पर नगर निगमों की संख्या घट गई है। साथ ही जयपुर में अभी ग्रेटर और हेरिटेज नाम से दो नगर निगम है। इन दोनों नगर निगमों में अलग अलग महापौर और 250 वार्ड हैं। आगामी दिनों में दो के बजाय जयपुर एक ही नगर निगम होगा और 250 के स्थान पर 150 वार्ड ही होंगे। आगामी चुनाव तक दोनों महापौर और सभी 250 पार्षद कार्य करते रहेंगे। वही पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अक्टूबर 2019 में इन तीनों शहरों में एक के बजाय दो दो नगर निगम बना दिए गए थे।

राजस्थान की भजनलाल सरकार का यह फैसला अहम माना जा रहा है। इससे पहले बीजेपी सरकार ने कांग्रेस राज में बने जिलों की संख्या कम कर दी थी। गहलोत राज में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 17 नए जिले बनाए गए थे। इन 17 जिलों में से 9 जिलों को भाजपा सरकार ने निरस्त कर दिया था। पूर्ववर्ती सरकार के वक्त जिलों की संख्या बढ़कर 50 हो गई थी लेकिन जिले निरस्त करने के बाद अब राजस्थान में 41 जिले शेष रहे हैं। नए बनाए गए तीन संभागों को भी बीजेपी सरकार निरस्त कर चुकी है।

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