हम अपने जीवन शैली और पर्यावरण को अनुकूल बनाने के लिए कैसे बदल सकते हैं?
संवाददाता
29 March 2025
अपडेटेड: 1:15 PM 0thGMT+0530
हम अपने जीवन शैली और पर्यावरण को अनुकूल बनाने के लिए कैसे बदल सकते हैं?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा- पर्यावरण के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाएं लोग
नई दिल्ली l पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा है कि विकास की भारतीय विरासत का भी आधार ‘पोषण है, शोषण नहीं; संरक्षण है, उन्मूलन नहीं’।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोगों से भी अपील की है कि वे पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील जीवनशैली को भी अपनाएं। राष्ट्रपति ने कहा है कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण हो सकेगा, बल्कि इससे पर्यावरण ज्यादा जीवंत भी बनाया जा सकता है। शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पर्यावरण 2025 राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये बातें भी कही। राष्ट्रपति ने कहा है कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण की विरासत देना हमारा नैतिक कर्तव्य भी है।
भारतीय विरासत का भी आधार पोषण
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा है कि विकास की भारतीय विरासत का आधार ‘पोषण भी है, शोषण नहीं; संरक्षण है, उन्मूलन नहीं’। इस विरासत को ध्यान में रखते हुए हम एक विकसित भारत की ओर आगे भी बढ़ना चाहते हैं।’ राष्ट्रपति ने कहा है कि आदिवासी समुदाय के लोग सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर रहते आए हैं और वे अपने जीवन के हर पहलू में आसपास के पर्यावरण, पौधों और जानवरों का भी ख्याल रखते आए हैं।
‘आदिवासी जीवनशैली से प्रेरणा लेने की भी जरूरत’
उन्होंने कहा, ‘हमें उनकी जीवनशैली से ही प्रेरणा लेनी चाहिए। आज जब पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की समस्या को हल करने की भी कोशिश कर रहा है, ऐसे में आदिवासी समुदाय की जीवनशैली और भी अनुकरणीय हो जाती है।’ राष्ट्रपति ने लोगों से पर्यावरण के प्रति जागरूक और संवेदनशील जीवनशैली अपनाने को भी कहा ताकि पर्यावरण न केवल संरक्षित हो बल्कि बढ़े और पर्यावरण अधिक जीवंत भी हो सके। उन्होंने कहा है कि भारत और पूरे विश्व को पर्यावरण के अनुकूल मार्ग पर भी चलना होगा तभी मानवता वास्तविक प्रगति भी कर पाएगी।